कम नजर आते हैं लंबे समय तक चलने वाले सीरियल्स: अभिनेता अंगद हसीजा
मुंबई, 'सपना बाबुल का...बिदाई' में आलेख बनकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता अंगद हसीजा ने उस दौर के टीवी को भी करीब से देखा है।;
मुंबई, 'सपना बाबुल का...बिदाई' में आलेख बनकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता अंगद हसीजा ने उस दौर के टीवी को भी करीब से देखा है, जब एक सीरियल कई सालों तक दर्शकों की जिंदगी का हिस्सा बना रहता था। अब टीवी के बदलते अंदाज को लेकर आईएएनएस से खास बातचीत में अंगद हसीजा ने अपनी राय रखी।
उन्होंने कहा कि पहले टीवी पर एक खास तरह का ड्रामा ज्यादा देखने को मिलता था, लेकिन अब चैनल दर्शकों की पसंद और आसपास हो रही चीजों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इसी के आधार पर कहानियां तैयार की जाती हैं और उन्हें दर्शकों के सामने पेश किया जाता है।
अंगद हसीजा ने कहा, ''काफी समय हो गया है और चीजें काफी बदल गई हैं। एक समय था, जब टेलीविजन आज से बहुत अलग हुआ करता था। अब चैनल अपने आसपास हो रही चीजों को देखते हैं और उसी के हिसाब से दर्शकों के लिए कहानियां लेकर आते हैं। पहले और अब के टेलीविजन में साफ अंतर है। पहले एक खास तरह का ड्रामा हुआ करता था। अब टेलीविजन भी कुछ अलग दिखाने की कोशिश कर रहा है।''
अभिनेता ने कहा, ''मुझे लगता है कि निर्देशक अपने काम को लेकर पहले से ज्यादा साफ सोच रखते हैं। उन्हें पता होता है कि किसी सीन को किस तरह दिखाना है और कैमरे के सामने उसे किस तरह शूट करना है। दर्शकों के पास भी अब पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प हैं, इसलिए उनकी पसंद भी काफी बदल गई है।''
जब अंगद से पूछा कि उन्हें अपने पुराने दौर के टेलीविजन की सबसे ज्यादा कौन सी बात याद आती है, तो उन्होंने लंबे समय तक चलने वाले शो का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''उस समय में सीरीयल चार-पांच साल तक चलते थे। इस दौरान कलाकार और दर्शक एक-दूसरे से काफी गहराई से जुड़ जाते थे। आज के दौर में इतने लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिक कम नजर आते हैं।''
अंगद ने कहा, ''अगर आज और पुराने समय के टीवी की तुलना की जाए तो मौजूदा टेलीविजन में काफी सुधार हुआ है। लेकिन पुराने दौर के लंबे चलने वाले शो की कमी जरूर महसूस होती है। पहले कोई शो चार या पांच साल तक चलता था, लेकिन अब ऐसा कम ही देखने को मिलता है। इसके बावजूद आज के टीवी में कहानियों की विविधता कहीं ज्यादा है।''
अंगद ने टेलीविजन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर कहा, ''पहले टीवी के पास मुकाबले के इतने माध्यम नहीं थे, लेकिन अब छोटे फॉर्मेट वाले शोज और वेब सीरीज ने मनोरंजन की दुनिया को काफी बदल दिया है। ऐसे में दर्शकों के पास चुनने के लिए बहुत कुछ है और कलाकारों के लिए भी काम के अलग-अलग रास्ते खुल गए हैं।''
अंगद हसीजा को साल 2007 में शुरू हुए सीरियल 'सपना बाबुल का... बिदाई' में आलेख के किरदार से बड़ी पहचान मिली थी। इसके बाद वह 'तेरा रंग चढ़ेया' में जिमी ढिल्लों यानी जेडी के किरदार में नजर आए। फिलहाल वह 'तुम से तुम तक' में यश वर्धन की भूमिका निभा रहे हैं।