प्रदीप रावत के जाने से इंडस्ट्री में शोक, अशोक पंडित ने किया याद
मुंबई, अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। 'लगान', 'गजनी' और 'महाभारत' जैसे यादगार प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत को लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं।;
मुंबई, अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। 'लगान', 'गजनी' और 'महाभारत' जैसे यादगार प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत को लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसी कड़ी में फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर अभिनेता के निधन पर दुख जताया और उनके अंतिम दर्शन से जुड़ी जानकारी साझा की।
अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रदीप रावत की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ''हमारे प्यारे दोस्त प्रदीप रावत एक शानदार अभिनेता और बेहतरीन इंसान थे। उनके निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख पहुंचा है। उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके परिवार और करीबी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।''
अपने पोस्ट में अशोक पंडित ने आगे लिखा, ''प्रदीप रावत के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक गोरेगांव वेस्ट स्थित इंपीरियल हाइट्स में रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए जोगेश्वरी वेस्ट में एसवी रोड पर ओशिवारा ब्रिज के पास ले जाया जाएगा। ओम शांति।''
प्रदीप रावत के निधन की खबर से उनके फैंस और फिल्म जगत के लोगों में शोक की लहर है। अभिनेता लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। पिछले कुछ समय से उनका इलाज चल रहा था। 74 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली।
प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। वह आर्मी परिवार से ताल्लुक रखते थे और शुरुआती दिनों में उनका सपना सेना में जाने का था लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने बैंक में नौकरी शुरू की, हालांकि उनका मन वहां नहीं लगा। बाद में उन्होंने थिएटर की दुनिया में कदम रखा और यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई।
प्रदीप रावत ने राज बब्बर के थिएटर ग्रुप 'एकजुट' से जुड़कर अभिनय की बारीकियां सीखीं। साल 1985 में फिल्म 'मेरी जंग' से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया और अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई।
उन्हें सबसे बड़ी पहचान बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी शो 'महाभारत' में अश्वत्थामा के किरदार से मिली। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया।
फिल्म 'गजनी' में निभाया गया उनका खलनायक का किरदार आज भी याद किया जाता है। साल 2005 में आई तमिल फिल्म 'गजनी' में उन्होंने विलेन का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। इसके बाद 2008 में आमिर खान की हिंदी फिल्म 'गजनी' में भी उन्होंने वही भूमिका निभाई और उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई।
इसके अलावा प्रदीप रावत 'लगान', 'सरफरोश', 'बागी', 'पत्थर के फूल', 'संगदिल सनम' समेत कई अन्य फिल्मों में नजर आए। उन्होंने अपने करियर में करीब 150 फिल्मों में काम किया। उनकी आखिरी हिंदी फिल्म विक्की कौशल स्टारर 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया था।