नाना पाटेकर को मनोज बाजपेयी से लेकर अनूप जलोटा तक ने दी श्रद्धांजलि,

मुंबई, दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। इस कड़ी में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और उनके जाने को सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया।;

By :  IANS
Update: 2026-10-08 06:57 GMT

मुंबई, दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। इस कड़ी में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और उनके जाने को सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया।

आईएएनएस से बात करते हुए अभिनेता और निर्देशक अमोल पालेकर ने कहा, ''मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस समय क्या कहूं। मैं अभी तक इस सदमे से पूरी तरह बाहर नहीं आ पाया हूं। करीब डेढ़ दिन पहले ही नाना से मेरी फोन पर बात हुई थी। वह मेरे नए नाटक को देखने नहीं आ सके थे लेकिन उन्होंने मुझे फोन करके वादा किया था कि वह अगले शो में जरूर आएंगे। इस मुलाकात का इंतजार अब अधूरा रह गया।''

अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ''मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि नाना पाटेकर नहीं रहे। मुंबई आकर फिल्मों में अपनी जगह बनाने की कोशिश करने वाले मेरे जैसे कई कलाकारों के लिए नाना का सफर उम्मीद देने वाला रहा। नाना ने यह विश्वास दिलाया कि अपने हुनर, अपनी अलग पहचान और खुद के प्रति ईमानदार रहकर भी फिल्म जगत में अपनी जगह बनाई जा सकती है। वह बेहतरीन कलाकारों में से एक रहे। आपकी बहुत कमी महसूस होगी। ओम शांति।''

अभिनेता सनी देओल ने भी नाना पाटेकर को याद किया। उन्होंने कहा, ''मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि नाना जी हमारे बीच नहीं हैं। हमने कभी साथ काम नहीं किया लेकिन कई वर्षों से हमारे बीच एक खास रिश्ता था। वह निडर और जिंदगी को अपने तरीके से जीने वाले इंसान थे। वह हमेशा वही करते थे, जो उन्हें सही लगता था। मैं उन्हें हमेशा याद रखूंगा।''

अभिनेता और हास्य कलाकार सुनील पाल ने कहा, ''नाना पाटेकर महान अभिनेता और हम जैसे मिमिक्री कलाकारों के लिए गुरु थे। वह भले ही शारीरिक रूप से इस दुनिया से चले गए हैं लेकिन अभिनय, निर्देशन और लेखन के जरिए उनका काम हमेशा जिंदा रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। नाना का निधन केवल फिल्म जगत के लिए ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी बड़ा नुकसान है।''

सुनील पाल ने कहा, ''नाना एक संस्था के जरिए जरूरतमंद किसानों की मदद करते थे। वह वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान करते थे और अपने से छोटे लोगों को भी बहुत प्यार देते थे। वह साधारण जीवन जीने में विश्वास रखते थे और खेती से भी जुड़े रहे। वह आम लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल करने से भी पीछे नहीं हटे। नाना यारों के यार, गुरुओं के गुरु और शिष्यों के शिष्य थे।''

गायक अनूप जलोटा ने भी नाना पाटेकर के साथ अपनी दोस्ती को याद करते हुए कहा, ''जिस तरह राज कपूर, दिलीप कुमार और धर्मेंद्र जैसे कलाकारों को लोग कभी नहीं भूल पाएंगे, उसी तरह नाना पाटेकर को भी कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। वह महान कलाकार के साथ-साथ अच्छे इंसान भी थे। हमारी अच्छी दोस्ती थी। करीब दो-तीन महीने पहले नाना ने मुझसे कहा था कि अनूप तुम्हारे यहां होने वाली संगीत की महफिलें बहुत अच्छी होती हैं और मैं भी वहां आना चाहता हूं लेकिन यह मुलाकात नहीं हो सकी।''

अनूप जलोटा ने कहा, ''करीब दो महीने पहले नाना का फोन भी आया था और उन्होंने बताया था कि मैं तुम्हारा इंटरव्यू देख रहा हूं, क्या स्पष्ट बोलते हो तुम। इस पर उनसे कहा था कि इस मामले में मैं आपका ही शिष्य हूं। यह सुनकर नाना हंस पड़े थे।''

अनूप जलोटा ने नाना पाटेकर की दरियादिली को लेकर कहा, ''फिल्मों के लिए नाना अच्छी-खासी फीस लेते थे और निर्माताओं से कहते थे कि उनकी फीस का एक हिस्सा जरूरतमंदों की मदद के लिए दे दिया जाए। नाना किसानों की मदद को लेकर बेहद गंभीर थे। उन्होंने खुद के लिए कार तक नहीं खरीदी थी। उनका मानना था कि कार पर खर्च होने वाले पैसे से किसी किसान के लिए घर बनाया जा सकता है।''

नाना पाटेकर का गोवा से भी खास जुड़ाव रहा था। उनके निधन से कुछ दिन पहले रविवार को आयोजित गोवा पर्यटन दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने लोगों को संबोधित किया था। इस कार्यक्रम का एक पुराना वीडियो अब सामने आया है, जिसमें वह गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को याद करते दिखाई दे रहे हैं। नाना ने अपने संबोधन में कहा था कि मनोहर पर्रिकर उनके मित्र थे और उम्र में उनसे छोटे होने के बावजूद उनकी शख्सियत ऐसी थी कि हर कोई उन्हें सम्मान की नजर से देखता था।

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