डायरेक्टर प्रशांत पांडियाराज ने बताया क्यों खुद निभाया अपनी सीरीज 'वारंट' का मुख्य किरदार
साउथ इंडस्ट्री की वेब सीरीज अब सिर्फ क्षेत्रीय दर्शकों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना रही हैं;
मुंबई। साउथ इंडस्ट्री की वेब सीरीज अब सिर्फ क्षेत्रीय दर्शकों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। इसी बीच अब एक नई ग्रामीण क्राइम सीरीज 'वारंट' लगातार चर्चा में बनी हुई है। इस सीरीज की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए निर्देशक प्रशांत पांडियाराज ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा है।
अब तक कैमरे के पीछे रहकर कहानियां दिखाने वाले प्रशांत इस बार खुद कैमरे के सामने नजर आ रहे हैं। इस बीच आईएएनएस को दिए एक खास इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर बताया कि आखिर उन्होंने अभिनेता बनने का फैसला क्यों किया और यह मौका उन्हें कैसे मिला।
आईएएनएस से बात करते हुए प्रशांत पांडियाराज ने कहा, ''जब मैंने इस सीरीज की कहानी लिखी, तभी मुझे महसूस हो गया था कि इसके मुख्य किरदार के लिए एक बिल्कुल नया चेहरा चाहिए। दर्शकों के मन में उस कलाकार को लेकर कोई पुरानी छवि नहीं होनी चाहिए थी। अगर कोई मशहूर अभिनेता यह भूमिका निभाता, तो लोग उसके पुराने किरदारों से तुलना करने लगते। यही वजह थी कि टीम ऐसे इंसान की तलाश कर रही थी जिसे दर्शक पहले से न जानते हों। कहानी की सच्चाई बनाए रखने के लिए यह बहुत जरूरी था।''
उन्होंने कहा, ''मेरे पास कलाकार चुनने के लिए ज्यादा समय भी नहीं था। पूरी टीम को बहुत कम समय में अभिनेता चुनना था, उसे किरदार के हिसाब से तैयार करना था और फिर पूरी शूटिंग खत्म करनी थी। इस सीरीज के निर्देशक विग्नेश नटराजन ऐसे इंसान की तलाश में थे जो दिखने में बिल्कुल फिट पुलिस अधिकारी जैसा न लगे, क्योंकि कहानी एक ऐसे पुलिस कांस्टेबल की है, जो शुरुआत में नौकरी के लिए पूरी तरह योग्य नहीं माना जाता, लेकिन बाद में खुद को साबित करता है।''
उन्होंने कहा, ''विग्नेश ने जब मुझको देखा तो उनको लगा कि मेरा व्यक्तित्व इस किरदार से मिलता-जुलता है। इसके बाद उन्होंने मुझसे थोड़ा वजन कम करने के लिए कहा और अभिनय करने का सुझाव दिया। शुरुआत में यह विचार नया था, लेकिन बाद में जी5 की टीम को भी यह पसंद आ गया और इसी तरह मैं इस सीरीज का मुख्य अभिनेता बन गया।''
उन्होंने बताया, '' शूटिंग 5 जनवरी को शुरू हुई थी और सीरीज 22 मई को रिलीज भी हो गई। कुछ ही महीनों के अंदर पूरी सीरीज तैयार कर ली गई। शुरुआत में टीम सात एपिसोड बनाने की सोच रही थी, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, तो लगा कि कहानी को सही तरीके से दिखाने के लिए एक और एपिसोड जरूरी है। इसी वजह से बाद में इसे आठ एपिसोड की सीरीज बना दिया गया। ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 ने हम पर पूरा भरोसा दिखाया और पूरी आजादी दी।''
जब आईएएनएस ने उनसे पूछा कि अब वह निर्देशन और अभिनय में से किसे ज्यादा पसंद करते हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ''मुझे दोनों ही काम बहुत पसंद हैं। निर्देशन मेरी पहचान है, लेकिन अभिनय का अनुभव भी बेहद खास लगा। इसलिए मैं आगे भी कैमरे के पीछे और सामने दोनों जगह काम करना चाहता हूं।''