‘बार्डर 2’ की बॉक्स ऑफिस पर शानदार एंट्री, रीक्रिएटेड गानों पर जावेद अख्तर की नाराजगी पर आया सोनू निगम का जवाब
फिल्म ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, ‘बार्डर 2’ को राष्ट्रीय अवकाश और वीकेंड का फायदा मिला। उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, जबकि मल्टीप्लेक्स में भी ऑक्यूपेंसी उम्मीद से बेहतर रही।
मुंबई। लंबे इंतजार के बाद रिलीज हुई फिल्म ‘बार्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की है। जेपी दत्ता की 1997 की क्लासिक देशभक्ति फिल्म ‘बार्डर’ की इस सीक्वल ने पहले ही दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 32.10 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। दूसरे दिन 36.70 करोड़ रुपये कलेक्शन किया है। दो दिन में फिल्म ने 68.80 करोड़ रुपये कलेक्शन किया है। यह ओपनिंग न केवल साल की बड़ी शुरुआतों में शामिल हो गई है, बल्कि इसने यह भी साफ कर दिया है कि दर्शकों के बीच देशभक्ति विषयक फिल्मों का आकर्षण अब भी कायम है।
फिल्म की रिलीज से पहले जहां इसके कुछ रीक्रिएटेड गानों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना और ट्रोलिंग हो रही थी, वहीं अब वही गाने दर्शकों की पसंद बनते नजर आ रहे हैं। खासतौर पर ‘संदेसे आते हैं…’ के नए संस्करण को लेकर बहस तेज रही, लेकिन रिलीज के बाद प्रतिक्रियाओं का रुख धीरे-धीरे सकारात्मक होता दिख रहा है।
दो दिन की कमाई ने बढ़ाया आत्मविश्वास
फिल्म ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, ‘बार्डर 2’ को राष्ट्रीय अवकाश और वीकेंड का फायदा मिला। उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, जबकि मल्टीप्लेक्स में भी ऑक्यूपेंसी उम्मीद से बेहतर रही। रक्षा बलों, परिवारों और युवाओं की बड़ी संख्या ने दो दिन फिल्म देखी, जिससे इसकी कमाई को मजबूती मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वर्ड ऑफ माउथ सकारात्मक बना रहा, तो फिल्म का वीकेंड कलेक्शन और भी मजबूत हो सकता है।
रीक्रिएटेड गानों पर उठे थे सवाल
‘बार्डर 2’ की घोषणा के साथ ही इसके संगीत को लेकर बहस शुरू हो गई थी। खासकर ‘संदेसे आते हैं…’ जैसे भावनात्मक और आइकॉनिक गाने के रीक्रिएटेड वर्जन को लेकर आलोचना हुई। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा था कि ऐसे क्लासिक गानों को छेड़ना सही नहीं है। इसी कड़ी में मूल फिल्म ‘बार्डर’ के लिए ‘संदेसे आते हैं…’ लिखने वाले मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने रीक्रिएशन को “बौद्धिक और रचनात्मक दिवालियापन” करार देते हुए कहा था कि इस गाने को दोबारा लिखने का ऑफर उन्हें मिला था, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया।
सोनू निगम की संतुलित प्रतिक्रिया
अब इस पूरे विवाद पर गायक सोनू निगम की प्रतिक्रिया सामने आई है, जो इस बहस को एक नया दृष्टिकोण देती है। सोनू निगम ने ‘बार्डर’ और ‘बार्डर 2’ दोनों में ही ‘संदेसे आते हैं…’ गाना गाया है। उनका मानना है कि कुछ धुनें और गीत अपनी कहानियों से अलग नहीं किए जा सकते। सोनू निगम ने कहा, “जावेद साहब बिल्कुल सही हैं कि पुराने गानों को बार-बार दोबारा लाना ठीक नहीं है। कई बार यह रचनात्मकता की कमी को दिखाता है। लेकिन अगर ‘बार्डर’ एक सैनिक है, तो ‘संदेसे आते हैं…’ उसकी वर्दी है। हम इस गाने के बिना ‘बार्डर’ फिल्म की कल्पना ही नहीं कर सकते।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है, क्योंकि इसमें एक ओर मूल रचनात्मकता का सम्मान है, तो दूसरी ओर कहानी और भावनाओं की अनिवार्यता को भी स्वीकार किया गया है।
‘संदेसे आते हैं…’ क्यों है इतना खास
‘संदेसे आते हैं…’ केवल एक गाना नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा में सैनिकों की भावनाओं का प्रतीक बन चुका है। यह गीत सीमा पर तैनात जवानों की पीड़ा, परिवार की याद और देश के प्रति समर्पण को बेहद संवेदनशील ढंग से व्यक्त करता है। यही वजह है कि इस गाने के साथ दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव आज भी उतना ही मजबूत है। ‘बार्डर 2’ में इस गाने के रीक्रिएटेड वर्जन को मनोज मुंतशिर ने लिखा है। इसमें सोनू निगम के साथ अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल सिंह की आवाजें भी शामिल हैं, जिसने इसे एक नई पीढ़ी के लिए पेश करने की कोशिश की है।
नया गीत ‘मिट्टी के बेटे…’ पर उम्मीदें
सोनू निगम ने यह भी कहा कि ‘बार्डर 2’ का नया गीत ‘मिट्टी के बेटे…’ जावेद अख्तर को जरूर पसंद आएगा। उनके मुताबिक यह गीत सैनिकों और देश के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है। सोनू ने कहा, “‘मिट्टी के बेटे…’ एक ऐसा गाना है, जो सीधे दिल से जुड़ता है। यह किसी पुराने गीत की नकल नहीं, बल्कि सैनिकों के बलिदान को समर्पित एक नया भाव है।” यह बयान फिल्म के संगीत को लेकर चल रही बहस के बीच संतुलन बनाने वाला माना जा रहा है।
ट्रोलिंग से तालियों तक का सफर
रिलीज से पहले जिस गाने को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही थी, वही गाना अब सिनेमाघरों में तालियां बटोर रहा है। कई दर्शकों का कहना है कि फिल्म के संदर्भ में गाना भावनात्मक रूप से असरदार लगता है और कहानी के साथ मेल खाता है। फिल्म समीक्षकों का भी मानना है कि केवल ट्रेलर या गाने के आधार पर किसी रीक्रिएशन को खारिज करना जल्दबाजी हो सकती है। पूरा संदर्भ देखने के बाद दर्शकों की राय बदलना स्वाभाविक है।
मजबूत बढ़त
‘बार्डर 2’ की मजबूत ओपनिंग ने निर्माताओं को राहत दी है। अब सबकी नजरें इसके वीकेंड और पहले हफ्ते की कमाई पर टिकी हैं। फिलहाल, बॉक्स ऑफिस के आंकड़े और दर्शकों की प्रतिक्रिया यही संकेत दे रही है कि ‘बार्डर 2’ ने भावनाओं के मोर्चे पर मजबूत बढ़त बना ली है।