भारती सिंह : 'बच्चों की मुस्कान ही मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा
मुंबई, कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति-लेखक हर्ष लिम्बाचिया अपने बच्चों गोला और काजू के साथ इस त्योहार को और भी खास बनाने के लिए तैयार हैं। भारती का कहना है कि दीपावली का पर्व हमेशा से उनके पसंदीदा त्योहारों में से एक हैं।;
मुंबई, कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति-लेखक हर्ष लिम्बाचिया अपने बच्चों गोला और काजू के साथ इस त्योहार को और भी खास बनाने के लिए तैयार हैं। भारती का कहना है कि दीपावली का पर्व हमेशा से उनके पसंदीदा त्योहारों में से एक हैं।
कॉमेडियन ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "दीपावली मुझे इसलिए सबसे ज़्यादा पसंद है, क्योंकि मुझे इससे जुड़ी हर चीज पसंद है, जैसे पूरे घर को सजाना। दीये चुनने से लेकर घर में मिठाई लाने और पूरे परिवार के साथ होने तक, लेकिन दीपावली के पर्व पर मेरे लिए जो चीज सबसे ज़्यादा खास है, वह है मेरे बच्चे और उनकी अनमोल मुस्कान। सच कहूं तो, यही वो चीज है जो मुझे त्योहारों से दोबारा प्यार करने पर मजबूर कर देती है।"
उन्होंने आगे कहा, "और सिर्फ मैं ही नहीं हूं जो इस सेलिब्रेशन को लेकर एक्साइटेड रहती हूं। मेरा गोला भी त्योहार के सीजन में मिलने वाली अलग-अलग मिठाइयों को उतना ही पसंद करता है, तो मुझे लगता है कि वह भी दीपावली का उतना ही इंतजार करता है, जितना मैं करती हूं। इस साल और भी खास है क्योंकि ये काजू की पहली दीपावली है और मैं अपने दोनों बेटों के लिए इन छोटे-छोटे पलों को यादगार बनाने का इंतजार नहीं कर सकती। मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे दीपावली का असली मतलब समझते हुए बड़े हों, अंधेरे पर रोशनी की जीत, नई शुरुआत का महत्व और जो कुछ हमारे पास है उसे दूसरों के साथ बांटने की खुशी।"
उन्होंने दीपावली के पर्व की खासियत पर बात करते हुए कहा, "दीपावली का पर्व समृद्धि का भी त्योहार है और हमारे लिए इसका मतलब है, मेहनत करते रहना, बड़े सपने देखना और हम जहां तक पहुंचे हैं, उसके लिए शुक्रगुजार रहना। हमारा शो 'इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' हमेशा हमारे दिलों में एक बहुत ही खास जगह रखेगा क्योंकि वहीं से हम सबने शुरुआत की थी। मैं बेहद खुश और भगवान की शुक्रगुजार हूं कि आज हम टीवी स्क्रीन को रोशन करने और दीपावली जैसे खास त्योहार के दौरान भी घरों में खुशियां लाने में सक्षम हैं। मेरे लिए, यही अपने आप में एक आशीर्वाद है।"
भारती के पति और लेखक हर्ष लिम्बाचिया ने कहा, "पिता बनने के बाद मैं त्योहारों को बिल्कुल अलग नजरिए से देखने लगा हूं। हर गुजरते साल के साथ, मुझे उन परंपराओं के प्रति और ज़्यादा जिम्मेदारी का एहसास होता है, जिनका हम पालन करते हैं और उन संस्कारों के प्रति जो हम अपने बच्चों को देते हैं। दीपावली का महत्व हमेशा बना रहता है क्योंकि इसका संदेश - रोशनी, चुनौतियों पर उम्मीद की जीत, और अच्छाई का हमेशा अपना रास्ता खोज लेना - कुछ ऐसा है जो हर पीढ़ी के लिए मायने रखता है। यह हमें याद दिलाता है कि जो कुछ हमारे पास है उसके लिए शुक्रगुजार रहें, विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें और नई शुरुआत के लिए जगह बनाएं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे घर में, भारती और मैं यह पक्का करते हैं कि हर त्योहार उस त्योहारी माहौल से भरा हो। मिठाइयों और तोहफों से लेकर घर सजाने और छोटे-छोटे सरप्राइज प्लान करने तक, हमेशा कुछ न कुछ चलता रहता है। लेकिन इन परंपराओं का सबसे अच्छा हिस्सा यह है कि ये हमें अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने और ऐसी यादें बनाने के ज्यादा मौके देती हैं, जिन्हें गोला और काजू बड़े होकर संजोकर रखेंगे, ऐसी हमें उम्मीद है।"