उल्लंघन के कारण छह साल तक नहीं लड़ पायेंगे चुनाव

गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में क्रॉसवोटिंग कर भाजपा प्रत्याशियों को वोट देने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया

Update: 2019-07-05 16:11 GMT

गांधीनगर।   पिछले कुछ समय से बगावती तेवर अपनाने वाले कांग्रेस के दो विधायकों अल्पेश ठाकोर और उनके साथी धवलसिंह झाला ने आज गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में क्रॉसवोटिंग कर भाजपा प्रत्याशियों को वोट देने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

उधर, कांग्रेस ने कहा कि दोनो को पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के कारण कानूनी कदम उठा कर छह साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराया जायेगा। पार्टी के सदन में उपनेता शैलेश परमार ने कहा कि पार्टी के कुल 71 विधायकों में से मात्र इन दोनो ने ही आज क्रॉस वोटिंग किया है।
अल्पेश ने गत 10 अप्रैल को ही कांग्रेस पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए इसके सभी पदाें से त्यागपत्र का दावा किया था पर उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया। कांग्रेस ने उन्हें विधायक पद से हटाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष और हाई कोर्ट दोनो का दरवाजा खटखटाया था।
राधनपुर के विधायक अल्पेश और बायड के विधायक झाला ने आज उम्मीद के अनुरूप क्रॉस वोटिंग की और इसके बाद विधायक पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। हालांकि विधानसभा के अंकगणित के लिहाज से उनके क्राॅस वोटिंग का चुनाव परिणाम पर खास असर नहीं पड़ने वाला क्योंकि भाजपा की दोनो सीटों पर जीत पहले से ही तय है।

अल्पेश ने मतदान के बाद पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस ने उन्हें केवल अपमानित और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का काम ही किया है। उन्होंने अपनी अंतरात्मा के आवाज पर ईमानदार राष्ट्रीय नेता जिसने देश को नयी ऊंचाई दी है उसके दल के पक्ष में दिया है। वह अब विधायक पद से त्यागपत्र दे रहे हैं। श्री झाला ने कहा कि कांग्रेस आंतरिक गुटबाजी का शिकार है।

उक्त उपचुनाव में भाजपा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा जुगलजी ठाकोर को प्रत्याशी बनाया है।
ऐसा माना जा रहा है कि अल्पेश और झाला जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
ज्ञातव्य है कि आज के चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तथा भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायकों ने भी कथित तौर पर भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की है। स्वयं मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इसका दावा किया है। 

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