जामिया में सीएए के खिलाफ डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन

दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत सैकड़ों डॉक्टर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सोमवार को जामिया मिलिया इस्लामिया पहुंचे

Update: 2019-12-24 01:05 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत सैकड़ों डॉक्टर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सोमवार को जामिया मिलिया इस्लामिया पहुंचे। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रहे छात्रों के जुलूस में शामिल हुए। जुलूस में डॉक्टरों के साथ फिजियोथेरेपी में स्नातक का कोर्स कर रहे छात्र भी शामिल हुए।

दोपहर करीब तीन बजे हमदर्द विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के छात्र व कई अस्पतालों के डॉक्टर जामिया पहुंचे। यहां इन्होंने जामिया विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार से लेकर गेट नंबर 7 तक जुलूस निकाला। इस दौरान डॉक्टरों और छात्र-छात्राओं ने 'सीएए रोलबैक' के नारे लगाए।

जुलूस निकालने के बाद ये प्रदर्शनकारी गेट नंबर 7 के बाहर जामिया विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। ये हाथों में सीएए व एनआरसी विरोधी नारे लिखी तख्तियां थामे हुए थे। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े इन प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के साथ मिलकर नारेबाजी की।

जामिया के बाहर धरना दे रहे डॉक्टर तबरेज ने बताया कि वह साधारण परिस्थितियों में सीएए लागू होने के बावजूद इस प्रकार के जुलूस व धरने प्रदर्शनों में में शामिल नहीं हो पाते। तबरेज के मुताबिक, उनका पेशा ही ऐसा है, जिसमें सरकार विरोधी किसी तरह के प्रदर्शन के लिए न तो उनके पास समय है न ही कोई मंच।

जनरल फिजिशियन तबरेज दक्षिण दिल्ली में एक क्लीनिक चलाते हैं। उन्होंने बताया, "जामिया में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद हमने इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की ठानी और आज अन्य डॉक्टरों के साथ आधे दिन की छुट्टी लेकर हम जामिया आए हैं।"

जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों को इससे पहले, दिल्ली की अलग-अलग अदालतों में में कार्यरत वकीलों का भी समर्थन मिला। करीब 300 वकीलों ने जामिया पहुंचकर सीएए विरोधी प्लेकार्ड के साथ प्रदर्शन किया।

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