बजट में जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए डायरेक्ट फंडिंग एक अच्छा फैसला : पूर्व डीजीपी एसपी वैद

बजट को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने आईएएनएस से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए केंद्र सरकार की ओर से डायरेक्ट फंडिंग के फैसले को सराहा

Update: 2024-07-29 22:40 GMT

जम्मू। बजट को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने आईएएनएस से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए केंद्र सरकार की ओर से डायरेक्ट फंडिंग के फैसले को सराहा।

उन्होंने कहा कि इस बजट में भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर पुलिस के लिए डायरेक्ट फंडिंग करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 12,000 करोड़ रुपये अलग से दिए गए हैं, वह यूनियन टेरिटरी बजट का हिस्सा नहीं होगा, इसके दो फायदे होंगे।

उन्होंने कहा कि पहला फायदा यह होगा कि यूनियन टेरिटरी का 11 फीसदी बजट जो पुलिस पर लगता था, वह अब दूसरे कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस पर खर्च होने वाले बजट को अब आप डेवलपमेंट, हेल्थ डिपार्टमेंट, एग्रीकल्चर या एजुकेशन सेक्टर में इस्तेमाल कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि दूसरा फायदा यह होगा कि जम्मू कश्मीर पुलिस को बजट का जो 12 हजार करोड़ रुपया मिला और भारत सरकार ने डायरेक्ट फंडिंग का फैसला किया, वह बहुत अच्छा फैसला है। हमारी यह पुरानी मांग थी कि जम्मू कश्मीर में जो पाकिस्तान ने कोवर्ट वॉर लॉन्च किया है, उसका मैदान जम्मू-कश्मीर है। यह लड़ाई सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं, यह पूरे देश के लिए है।

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस सिर्फ जम्मू कश्मीर के लिए नहीं लड़ती, पूरे देश के लिए लड़ती है। जिस तरह आर्मी और सीआरपीएफ पूरे देश के लिए लड़ते हैं, वैसे ही जम्मू-कश्मीर पुलिस भी पूरे देश के लिए लड़ती है। यह बात अलग है कि मैदान जम्मू कश्मीर का है। इसलिए जरूरी है कि इस जंग के लिए फंडिंग की जिम्मेदारी भारत सरकार की होनी चाहिए ना कि यूनियन टेरिटरी गवर्नमेंट की।

वैद ने कहा, मैं समझता हूं यह बहुत अच्छा फैसला है, इससे जम्मू कश्मीर पुलिस को मॉडर्न हथियार, साइंटिफिक इक्विपमेंट लेने में, पुलिस को आधुनिक बनाने में बहुत काम आएगा।

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