स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के बिना लोकतंत्र विकास नहीं कर सकता: धनखड़

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में ‘कुछ उभरती प्रवृत्तियों’ पर चिंता व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि आपातकाल लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के लिए विनाशकारी है

Update: 2020-06-25 15:03 GMT

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में ‘कुछ उभरती प्रवृत्तियों’ पर चिंता व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि आपातकाल लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के लिए विनाशकारी है तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के बिना लोकतंत्र का विकास नहीं हो सकता है।

श्री धनखड़ ने इस तरह की प्रवृत्तियों को समाप्त करने में सभी के सहयोग की मांग करते हुये ट्वीट किया, “आपातकाल का अंधकारमय समय हमें लोकतंत्र के महत्व, मानवाधिकारों के मूल्य, राज्य की स्थिति के आकलन के लिए मीडिया के महत्व और स्वतंत्रता पर ध्यान दिलाता है।”

उन्होंने कहा, “आपातकाल लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के लिए विनाशकारी है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के बिना लोकतंत्र विकास नहीं कर सकता है।”

राज्यपाल ने इससे पहले बुधवार को 25 जून 1975 को भारत में आपातकाल लगाये जाने की घटना को याद करते हुए यहां मीडिया से कहा, “हम सभी उम्मीद करते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में अब कभी आपातकाल नहीं लगेगा या आपातकाल जैसी स्थिति नहीं होगी। हमारी युवा पीढ़ी को इस काले अध्याय और हमारे लोकतंत्र के इस दुखद गाथा के बारे में अच्छी तरह से बताये जाने की जरूरत है क्योंकि इससे उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खड़े होने की प्रेरणा मिलेगी।” 

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