कौन हैं कॉकरोच जनता पार्टी के तीन प्रवक्ता? जिन्‍होंने दिल्ली में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रखा एजेंडा

घोषणा के अनुसार, पत्रकार सौरव दास को संगठन का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उनके साथ ही राजनीतिक शोधकर्ता और फिल्म निर्माता विजेता दहिया तथा पूर्व मैनेजमेंट कंसल्टेंट आशुतोष रांका को भी प्रवक्ता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।;

Update: 2026-06-04 06:11 GMT

नई दिल्ली : शिक्षा प्रणाली में कथित विफलताओं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपनी संगठनात्मक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। संगठन ने तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की है, जिनमें पत्रकार, फिल्म निर्माता और पूर्व वैश्विक सलाहकार शामिल हैं। इन नियुक्तियों को पार्टी के जनसंपर्क और मीडिया रणनीति को विस्तार देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सीजेपी का नेतृत्व अभिजीत दीपके कर रहे हैं, जिन्होंने संगठन की स्थापना की थी। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट जारी कर इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा की।

तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा

घोषणा के अनुसार, पत्रकार सौरव दास को संगठन का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उनके साथ ही राजनीतिक शोधकर्ता और फिल्म निर्माता विजेता दहिया तथा पूर्व मैनेजमेंट कंसल्टेंट आशुतोष रांका को भी प्रवक्ता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का कहना है कि ये तीनों व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में अनुभव रखते हैं और शिक्षा, न्याय व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर संगठन के विचारों को बेहतर तरीके से जनता के सामने रख सकेंगे। नियुक्तियों की टाइमिंग भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ये निर्णय अभिजीत दीपके के 6 जून को अमेरिका से भारत लौटने से ठीक पहले लिए गए हैं।

दिल्ली में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस और मांगें

सूत्रों के अनुसार, सौरव दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका ने बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अपनी पहली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर सवाल खड़े किए। प्रवक्ताओं ने यह भी घोषणा की कि 6 जून को पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी जाएगी। पार्टी का दावा है कि यह आंदोलन शिक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा है।

सौरव दास: पत्रकारिता और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय चेहरा

सौरव दास को पार्टी ने मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस नियुक्ति को लेकर उत्साह जताया है। दास पेशे से पत्रकार हैं और लंबे समय से कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करते रहे हैं। वे आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाने और सरकारी योजनाओं पर रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान आरोग्य सेतु ऐप से जुड़े डेटा और इसके संचालन पर जानकारी सार्वजनिक कराने में उनकी भूमिका चर्चा में रही थी। सौरव दास सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं और नवंबर 2025 में दिल्ली के इंडिया गेट पर हुए प्रदूषण विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें एक सोशल एक्टिविस्ट के रूप में भी पहचाना जाता है।

विजेता दहिया: शोध, लेखन और फिल्म निर्माण का अनुभव

विजेता दहिया हरियाणा के रहने वाले हैं और वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने राजनीति, समाज और संस्कृति पर शोध कार्यों में रुचि विकसित की और एक लेखक तथा फिल्म निर्माता के रूप में पहचान बनाई। दहिया ने कई किताबें लिखी हैं और हरियाणवी फिल्मों का निर्देशन भी किया है। वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय रहे हैं और प्रमुख यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ शोधकर्ता और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में काम कर चुके हैं। Quora हिंदी पर उनके राजनीतिक और ऐतिहासिक विश्लेषण को सराहा गया है, जहां उन्हें “बेहतरीन लेखक” के रूप में भी चुना गया था। उनकी दो चर्चित किताबों में Power of Universe और To Hell With That Job शामिल हैं।

आशुतोष रांका: वैश्विक अनुभव से नीति विशेषज्ञ तक आशुतोष रांका को भी सीजेपी ने प्रवक्ता के रूप में शामिल किया है। उनका शैक्षिक और पेशेवर बैकग्राउंड काफी विविध है। उन्होंने आईआईटी कानपुर से B.Tech की पढ़ाई की है और इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया। वे अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्म मैकिंजी के साथ काम कर चुके हैं और पर्यावरण तथा शिक्षा से जुड़े कई अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। पिछले साल भारत लौटने के बाद वे जयपुर में सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर काम कर रहे हैं। आशुतोष रांका ने डोल का बाढ़, आमायरा आत्महत्या मामला और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार समय की मांग है।

शिक्षा सुधार और आगे की रणनीति

सीजेपी का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार और परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। पार्टी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इस आंदोलन का अहम हिस्सा होगा। तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति को संगठन अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहा है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके। अब सभी की नजर 6 जून को होने वाले घटनाक्रम पर टिकी है, जब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भारत लौटेंगे और आंदोलन को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

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