पिछली सरकार ने किया ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’, हमारा बजट विकास को देगा रफ्तार: आशीष सूद

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा सत्र के समापन के बाद प्रेस वार्ता में पिछली सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए मौजूदा सरकार के बजट को विकासोन्मुख बताया

Update: 2026-03-27 17:49 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा सत्र के समापन के बाद प्रेस वार्ता में पिछली सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए मौजूदा सरकार के बजट को विकासोन्मुख बताया।

उन्होंने कहा कि खुद को “आईआईटी पास, पढ़े-लिखे मुख्यमंत्री” बताने वाली पिछली सरकार के बजट की वास्तविक स्थिति अब सामने आ चुकी है। वर्ष 2022-23 में जहां दिल्ली पर करीब 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज था, वहीं बेहतर वित्तीय प्रबंधन के जरिए इसे घटाकर 30,000 करोड़ रुपये से भी कम कर दिया गया है।

शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार हर साल ऊंची दरों पर कर्ज लेती रही, जिससे जनता पर अनावश्यक बोझ बढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार को जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में हर साल 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलती रही, इसके बावजूद वित्तीय अनुशासन नहीं दिखा और केवल “हेडलाइन मैनेजमेंट” किया गया।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 76,000 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया, लेकिन खर्च केवल 61,000 करोड़ रुपये ही हुआ। इतना ही नहीं, उस बजट को “राम मंदिर को समर्पित” बताकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई।

आशीष सूद ने कहा कि जब इन तथ्यों को उजागर किया जाता है तो संबंधित नेता “विक्टिम कार्ड” खेलने लगते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वही लोग देश के प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं।

मौजूदा बजट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल सुर्खियां बटोरने वाला नहीं, बल्कि विकास को गति देने वाला बजट है। इसमें पूंजीगत व्यय को बढ़ाया गया है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पिछले साल 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 1,03,700 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं पूंजीगत व्यय को 28,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 32,600 करोड़ रुपये किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पानी और सीवरेज जैसे सभी क्षेत्रों में या तो समान आवंटन रखा गया है या उसमें वृद्धि की गई है, जिससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था में स्थिरता और सकारात्मकता का माहौल बना है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह बजट राजधानी के विकास को नई गति देगा।

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