DU के साउथ कैंपस हॉस्टल में खाने में मिला कॉकरोच, भड़के छात्रों ने किया जोरदार प्रदर्शन
एक छात्र को मेस में दिए गए खाने में कॉकरोच मिला। छात्र का आरोप है कि खाना खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे दो बार उल्टी हुई। उसने जब इस मामले की शिकायत की तो उसे गंभीरता से सुनने के बजाय धमकाया गया।;
नई दिल्ली : Students Protest In DU: दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस स्थित नॉर्थ ईस्ट हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हॉस्टल मेस में परोसे गए भोजन में कॉकरोच मिलने के बाद छात्रों ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से मेस में खराब और अस्वच्छ खाना दिया जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना सामने आने के बाद हॉस्टल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। छात्रों ने मेस प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और भोजन व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
खाने में कॉकरोच मिलने से बिगड़ी छात्र की तबीयत
जानकारी के मुताबिक, एक छात्र को मेस में दिए गए खाने में कॉकरोच मिला। छात्र का आरोप है कि खाना खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे दो बार उल्टी हुई। उसने जब इस मामले की शिकायत की तो उसे गंभीरता से सुनने के बजाय धमकाया गया। इस घटना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में छात्र मेस के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। छात्रों ने आरोप लगाया कि मेस में साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और प्रशासन छात्रों की शिकायतों को लगातार नजरअंदाज करता रहा है।
NSUI ने उठाए मेस व्यवस्था पर सवाल
छात्र संगठन NSUI से जुड़े कार्यकर्ता वीर चतरथ ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब साउथ कैंपस के हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद हुआ हो। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई बार मेस के खाने में गंदगी और खराब सामग्री मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। वीर चतरथ ने कहा कि कैंटीन और मेस का टेंडर बदलने की मांग पहले भी उठाई गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया। हालांकि हालिया विरोध प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने व्यवस्था में बदलाव का आश्वासन दिया है।
डोसे में गुटखे का पैकेट मिलने का दावा
विरोध कर रहे छात्रों ने मेस की लापरवाही को लेकर और भी गंभीर आरोप लगाए। NSUI कार्यकर्ता वीर चतरथ ने दावा किया कि कुछ समय पहले छात्रों को दिए गए डोसे में गुटखे का पैकेट मिला था। उन्होंने सवाल उठाया कि हॉस्टल जैसी शैक्षणिक जगह के अंदर गुटखा कैसे पहुंचा और मेस की रसोई में ऐसी चीजें कैसे इस्तेमाल हो रही हैं। छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं साफ दिखाती हैं कि मेस संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
पहले भी उठते रहे हैं खाने की गुणवत्ता पर सवाल
दिल्ली यूनिवर्सिटी में हॉस्टल मेस को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई कॉलेजों और हॉस्टलों से खराब भोजन, गंदगी और भोजन में कीड़े मिलने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। अभी पिछले महीने ही डीयू के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज के हॉस्टल में भी फूड क्वालिटी को लेकर छात्राओं ने बड़ा प्रदर्शन किया था। छात्राओं का आरोप था कि उन्हें जो खाना दिया जा रहा है, वह न केवल बेस्वाद है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी ठीक नहीं है। मिरांडा हाउस की छात्राओं ने कहा था कि मेस में साफ-सफाई की स्थिति खराब है और भोजन की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। उस दौरान भी कॉलेज प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई थी।
RML अस्पताल के मेस में भी उठा था विवाद
दिल्ली में हाल ही में डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के हॉस्टल मेस से भी इसी तरह का मामला सामने आया था। वहां परोसी गई दाल में कॉकरोच मिलने का दावा किया गया था। इसके अलावा खराब सलाद और अस्वच्छ भोजन को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों और छात्रों ने नाराजगी जताई थी। उस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने कैंटीन और मेस की सफाई व्यवस्था की जांच शुरू कराई थी और स्वच्छता अभियान चलाया गया था।
छात्रों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
नॉर्थ ईस्ट हॉस्टल के छात्रों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन देने से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने मेस संचालन की स्वतंत्र जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की मांग की है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थी पूरी तरह मेस पर निर्भर होते हैं, ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता करना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।