लोकायुक्त कानून की मांग पर अन्ना हजारे का आमरण अनशन शुरू

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने शुक्रवार को रालेगणसिद्धी में आमरण अनशन की शुरुआत करेंगे

Update: 2026-01-30 02:34 GMT

गांधी पुण्यतिथि पर रालेगणसिद्धी से भ्रष्टाचार विरोधी बिगुल

  • तीन साल से लंबित लोकायुक्त कानून, हजारे बोले– अब पीछे नहीं हटेंगे
  • “सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है”– अन्ना का सीधा आरोप
  • जनहित के लिए अंतिम आंदोलन, कानून लागू होने तक जारी रहेगा अनशन

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने शुक्रवार को रालेगणसिद्धी में आमरण अनशन की शुरुआत करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ वर्षों से संघर्षरत हजारे ने इस बार के आंदोलन को अंतिम करार देते हुए कहा कि यदि सरकार ने लोकायुक्त कानून लागू नहीं किया, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।

हजारे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “सरकार को लोकायुक्त कानून तुरंत लागू करना चाहिए। यह कानून जनता की भलाई के लिए बेहद जरूरी है। अगर सरकार ईमानदार है, तो उसे इस कानून से डरना नहीं चाहिए।”

तीन साल से लंबित है कानून

हजारे ने बताया कि वर्ष 2022 में भी उन्होंने इसी मांग को लेकर रालेगणसिद्धी में अनशन किया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कृषि मंत्री ने हस्तक्षेप कर अनशन समाप्त कराया था। इसके बाद राज्य सरकार ने एक समिति गठित की थी, जिसने लोकायुक्त कानून का मसौदा तैयार किया। यह मसौदा विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में पारित हुआ और राष्ट्रपति के पास भेजा गया। बावजूद इसके, तीन वर्षों बाद भी कानून लागू नहीं किया गया है।

सरकार पर दिखावे का आरोप

हजारे ने महाराष्ट्र सरकार पर जनहित की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार सिर्फ दिखावे के लिए काम कर रही है। अगर उसे सच में जनता की चिंता होती, तो अब तक यह कानून लागू हो चुका होता।”

उन्होंने दोहराया कि सरकार का काम केवल दिखावा करना नहीं, बल्कि जनता के हित में ठोस कदम उठाना होना चाहिए। हजारे ने स्पष्ट किया कि उनका यह अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार लोकायुक्त कानून को लागू नहीं करती।

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