रोहिणी हादसा: खुले सीवर ने ली जान
दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में एक शख्स की गटर में गिरने से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि गटर का ढक्कन खुला हुआ था
सीवर बिना ढक्कन, प्रशासन पर उठे सवाल
- घटना के बाद आनन-फानन में लगाए गए ढक्कन
- स्थानीय लोगों का आक्रोश: बच्चों की सुरक्षा खतरे में
- लापरवाही का नतीजा, 32 वर्षीय मजदूर की मौत
नई दिल्ली। दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में एक शख्स की गटर में गिरने से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि गटर का ढक्कन खुला हुआ था।
घटना सोमवार, यानी 9 फरवरी की है। 10 फरवरी की शाम 4 बजे बेगमपुर थाने को इसकी जानकारी दी गई। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची।
मृतक की उम्र 32 साल बताई जा रही है। सीवर का ढक्कन खुले होने से यह दर्दनाक घटना हुई, जिसमें शख्स की जान चली गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के वक्त मृतक के साथ एक और शख्स मौजूद था। उसने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी।
जब शख्स की खोजबीन शुरू हुई, तो उसने इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। घटना के बाद संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना में प्रशासन की तरफ से बड़ी लापरवाही की गई है।
स्थानीय अधिवक्ता तेजपाल यादव ने कहा कि सोमवार को दो दोस्त मजदूरी का काम करते थे। उनमें से एक सीवर में गिर गया था। सीवर खुला हुआ था। घटनास्थल के आसपास मौजूद किसी भी सीवर पर ढक्कन नहीं था। घटना के बाद आनन-फानन में सीवर ढक्कन लगाए गए।
उन्होंने कहा कि जब मैं शाम 7 बजे के आसपास यहां आया, तो डीडीए के अधिकारी भी यहां मौजूद थे। वे अपने साथ सीवर के ढक्कन लेकर आए थे और उन्हें लगा रहे थे। मुझे संदेह हुआ, तो मैंने उनसे पूछा कि यहां प्राइवेट टैंकर क्यों लगाए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी आएंगे। मैंने 112 पर कॉल किया, तब पता चला कि किसी भी विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं दी गई।
उन्होंने बताया कि मृतक बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था और उसकी उम्र 32 साल के आसपास थी। तेजपाल यादव के मुताबिक, मृतक का नाम बृजू है। उसकी पत्नी और बच्चे यहां नहीं रहते थे। वह जल्द ही गांव जाने वाला था।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि यहां बच्चे भी खेलते हैं, कॉलोनी से जुड़ी हुई सड़क है और किसी भी सीवर पर ढक्कन नहीं लगा हुआ है। अब एक मौत हो गई है। अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो आगे भी और हादसे हो सकते हैं।