राम मंदिर दान विवाद: केजरीवाल बोले, बड़े नामों को बचाने के लिए बनाई गई एसआईटी

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम सिर्फ 'आंखों में धूल झोंकने' वाली कार्रवाई है।;

Update: 2026-06-26 01:20 GMT

लखनऊ। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम सिर्फ 'आंखों में धूल झोंकने' वाली कार्रवाई है।

केजरीवाल गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। शुक्रवार को वह राम मंदिर के दर्शन करेंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए आप प्रमुख ने कहा, ''मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भगवान राम के चरणों के जूते, माला, दीपक, आभूषण, हीरे और रत्न और यहां तक कि चढ़ावे की भी चोरी की गई है। लगभग 200 करोड़ रुपए कैश और करीब 2 किलो चांदी की भी चोरी का आरोप है। यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और करोड़ों भक्त इससे आहत हैं।''

एक पुराने वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ''मैंने कल कहा था कि अगर 100 रुपए भी चोरी हों तो एफआईआर दर्ज होती है, लेकिन यहां करोड़ों की चोरी के बावजूद एफआईआर नहीं दर्ज की गई है, जबकि कुछ राशि बरामद भी हुई है।''

आप प्रमुख ने कहा कि बिना एफआईआर के एसआईटी नहीं बनाई जा सकती।

उन्होंने कहा, ''दंड प्रक्रिया संहिता में कहा गया है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही एसआईटी बनाई जाती है।''

अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया, ''यह एसआईटी किस कानून के तहत बनाई गई है? इस टीम के पास जांच करने का कोई अधिकार नहीं है। इसलिए यह एसआईटी सिर्फ लोगों को गुमराह करने का तरीका है। यह एसआईटी 'बड़े नामों को बचाने' के लिए बनाई गई है।"

उन्होंने कहा, ''इतनी बड़ी और लंबे समय से हो रही चोरी बिना प्रभावशाली लोगों के समर्थन के संभव नहीं है।"

विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी कहा कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को दिए गए चढ़ावे में किसी भी तरह की गड़बड़ी हिंदू समाज की आस्था को चोट पहुंचाती है।

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