दिल्ली : नर्सरी एडमिशन में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाने पर एफआईआर दर्ज
जधानी दिल्ली में नर्सरी एडमिशन के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जमा करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए स्पेशल नीड्स वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) कैटेगरी के तहत एडमिशन से जुड़ा है।;
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में नर्सरी एडमिशन के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जमा करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए स्पेशल नीड्स वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) कैटेगरी के तहत एडमिशन से जुड़ा है।
एफआईआर के अनुसार, 17 सितंबर को दिल्ली के एक पुलिस थाने में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों को लेकर शिकायत मिली थी। शिकायत में एडमिशन के दस्तावेजों के साथ जमा किए गए दिव्यांग प्रमाण पत्रों और सिफारिशी पत्रों की सत्यता की जांच करने की मांग की गई थी।
प्रारंभिक जांच के दौरान दस्तावेजों के साथ लगाए गए दिव्यांग प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया गया और वे फर्जी पाए गए। एफआईआर में बताया गया है कि इन प्रमाण पत्रों में 41 प्रतिशत सुनने की अक्षमता दिखाई गई थी और ये कथित तौर पर एक सरकारी अस्पताल द्वारा जारी किए गए थे।
शुरुआती सत्यापन के बाद पुलिस ने 24 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 337, 340(2) और 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में जिक्र किया गया है कि कथित घटना की सही तारीख और समय का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्रों को तैयार करने और जमा करने के पीछे की परिस्थितियों को स्थापित करने और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी एडमिशन में सीडब्ल्यूएसएन कैटेगरी के तहत विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सीटें आरक्षित होती हैं। आरोप है कि कुछ अभिभावकों ने इस कोटे का लाभ लेने के लिए फर्जी तरीके से 41 प्रतिशत हियरिंग इम्पेयरमेंट (सुनने की क्षमता में कमी) के सर्टिफिकेट बनवाए।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये फर्जी सर्टिफिकेट कहां बने, इन्हें किसने बनवाया और क्या इसमें कोई संगठित गिरोह शामिल है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।