SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज बड़ी सुनवाई, राहुल गांधी की याचिका पर टिकी नजरें
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है;
मतदाता सूची विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, आज होगी अहम कानूनी जंग
- राहुल-खड़गे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, SIR पर फैसला अहम
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका पर शीर्ष अदालत विचार करेगी। इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई पक्षों की नजरें भी सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हुई हैं।
याचिका में विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर सवाल उठाए हैं। साथ ही प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने और कुछ अंतरिम राहत की मांग भी की गई है।
CJI की बेंच करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित सूची के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत का हस्तक्षेप जरूरी है।
विपक्ष ने उठाए कई सवाल
याचिका में कहा गया है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में किए गए बदलावों और नाम हटाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विपक्ष का दावा है कि कई मामलों में प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं रही और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
इसके अलावा चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, डिजिटल चुनावी डेटाबेस और मतदाता पंजीकरण से जुड़े कुछ प्रावधानों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
स्वतंत्र जांच समिति की मांग
विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए। समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य स्वतंत्र सदस्यों को शामिल करने का भी सुझाव दिया गया है।
उनका कहना है कि यह समिति मतदाता सूची में किए गए बदलावों, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित प्रक्रियाओं का ऑडिट कर सकती है।
मतदाताओं के अधिकारों का मुद्दा
याचिका में यह भी मांग की गई है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित सूचना और सुनवाई का अवसर दिए मतदाता सूची से न हटाया जाए। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है।
SIR पर अंतरिम रोक की मांग
विपक्षी नेताओं ने अदालत से अपील की है कि मामले पर अंतिम फैसला आने तक SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने पर भी विचार किया जाए। उनका तर्क है कि यदि प्रक्रिया में कोई खामी पाई जाती है तो मतदाताओं के अधिकारों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
चुनाव आयोग की भूमिका भी चर्चा में
याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका, चुनाव आयोग के फैसलों की प्रक्रिया और विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि इन सभी पहलुओं की न्यायिक समीक्षा आवश्यक है ताकि चुनावी व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे।