कांग्रेस और 'आप' की नूरा-कुश्ती सब जानते हैं, प्रॉक्सी टीम से देश के कानून को तोड़ने की कोशिश: शाजिया इल्मी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस एवं कॉकरोच जनता पार्टी यानी आम आदमी पार्टी के बीच चल रही नूरा-कुश्ती किसी से छिपी नहीं है, लेकिन प्रोटेस्ट के नाम पर तिरंगे का इस्तेमाल कर कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।;
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस एवं कॉकरोच जनता पार्टी यानी आम आदमी पार्टी के बीच चल रही नूरा-कुश्ती किसी से छिपी नहीं है, लेकिन प्रोटेस्ट के नाम पर तिरंगे का इस्तेमाल कर कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।
भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने कहा, "एक तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस, दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी यानी आम आदमी पार्टी की प्रॉक्सी टीम, दोनों के बीच जितनी नूरा कुश्ती है, ये सब जानते हैं, लेकिन जब बात प्रोटेस्ट की आती है तो देखिए कि राहुल गांधी किस तरह से तिरंगे का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें लगता है कि ये तिरंगे की आड़ में कानूनी नियमों के खिलाफ जाएंगे। सौरव दास समेत सीजेपी के तमाम साथियों के बॉन्ड पर हस्ताक्षर हैं, उसके बावजूद आप दीवारें फांदकर उस साइट पर पहुंचेंगे और तिरंगे की आड़ में आप कानून को तोड़ेंगे?"
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को मैं ये कहना चाहती हूं कि अगर आपको लगता है कि अपनी प्रॉक्सी टीम के जरिए देश के कानून को तोड़ेंगे तो इसकी इजाजत नहीं मिलेगी। राहुल गांधी किस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की बात कर रहे हैं? वो शांतिपूर्ण प्रदर्शन, जहां एक महिला पत्रकार को, जो आपसे सख्त सवाल पूछती है, आप गर्भवती महिला के साथ मारपीट करवाएंगे। अपने ही मुख्यमंत्रियों को बख्सते नहीं हैं।
शाजिया इल्मी ने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा है कि किस तरह से आपने मर्यादा को लांघा है। पूरी दुनिया ने देखा है कि किस तरह से प्रियंका गांधी हाथापाई कर रही हैं, राहुल गांधी का अन्य प्रोटेस्टर्स और अपने नेताओं के साथ क्या रवैया रहा है। आप तिरंगे का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका अपमान कर रहे हैं। आप जब-जब कानून का अपमान करेंगे, तिरंगे का भी अपमान करेंगे।
भाजपा एमएलसी श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने कहा कि लोकतंत्र की बात कौन कर रहा है राहुल गांधी? जिसके परिवार ने भारत में इमरजेंसी लगाई, उसका डीएनए डेमोक्रेसी की बात करने वाला है? और क्या यही डेमोक्रेसी है, सड़कों पर उतरकर भारत के संवैधानिक संस्थानों के बारे में गलतफहमियां पैदा करना? पूरा देश राहुल गांधी के इरादे को जानता है और जिसे उन्होंने 'मिशन' कहा, उसके बारे में मैं राहुल गांधी से बस इतना कहना चाहता हूं कि उन्हें पहले यह समझना चाहिए कि 'मिशन' शब्द का क्या मतलब है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी के संदर्भ में कॉकरोच जनता पार्टी का जिक्र करने की कोई वजह नहीं है, लेकिन जिस तरह से राजनीतिक पार्टियां व्यवहार कर रही हैं, वह सिर्फ ऊपर-ऊपर जो दिख रहा है, उतना ही नहीं है। इसके पीछे एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश लगती है। देश के लोकतंत्र में अगर कोई राजनीतिक पार्टी जन मुद्दों को लेकर आंदोलन या विरोध प्रदर्शन करती है तो मैं समझ सकता हूं।
भाजपा एमएलसी ने कहा कि अगर सूखे को लेकर लोग सड़कों पर उतरते हैं तो मैं समझ सकता हूं। हालांकि, भारत के लोकतंत्र के भीतर सभी संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की जो कोशिश कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा की जा रही है, वह सबसे बड़ी साजिश है।
भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष भी हैं, उनसे एक अपेक्षा की जाती है कि वो मर्यादित बातचीत करें। राजनीतिक क्षेत्र में उन्हें आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन उसमें भी संयमित व्यवहार होना चाहिए। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के लिए क्या कुछ नहीं कहा जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दृष्टि से आप किसी की भी आलोचना कर सकते हैं, लेकिन जिन्होंने पूरा जीवन राष्ट्रीय सुरक्षा में दे दिया हो, जिनका राजनीति से कोई सरोकार न हो, आप उनके बारे में इस तरह से अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं।