दिल्ली तुर्कमान गेट : पत्थरबाजी की घटना को लेकर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, 10 लोग हिरासत में, बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद तनाव की स्थिति है। इसी बीच, पत्थरबाजी की घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में करीब 10 लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बुधवार सुबह इसकी जानकारी दी

By :  IANS
Update: 2026-01-07 05:04 GMT

दिल्ली तुर्कमान गेट पत्थरबाजी: पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, 10 हिरासत में

नई दिल्ली। दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद तनाव की स्थिति है। इसी बीच, पत्थरबाजी की घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में करीब 10 लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बुधवार सुबह इसकी जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जहां देर रात एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अभी सीसीटीवी फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है।

डीसीपी निधिन वालसन ने मीडिया को बताया कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत हुई थी। उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश दिखाए गए थे, जिसके बाद काफी संख्या में लोग लौट गए। लेकिन कुछ लोग वापस लौटकर आए और उन्होंने पथराव किया।

बुलडोजर एक्शन पर डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि डिमोलिशन का लगभग 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एक छोटा सा स्ट्रक्चर बाकी है। इसे रात में भी गिराया जा सकता है, लेकिन बहुत सारा मलबा जमा हो गया है, जिससे हमारी मशीनें उस जगह तक नहीं पहुंच पा रही थीं। एक बार जब मलबा हटा दिया जाएगा, तो बचा हुआ स्ट्रक्चर भी हटा दिया जाएगा।

वहीं, तुर्कमान गेट पर देर रात हुई बुलडोजर कार्रवाई पर एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, "मैं बहुत दिन से दरगाह फैज इलाही पर नारियल का काम कर रहा हूं। मैं और मेरी पत्नी नारियल पानी बेचते हैं। सरकार जो कर रही है बहुत अच्छा कर रही है। यहां होने वाली प्रत्येक शादी से बीस-पच्चीस रुपए लिए जाते थे। यह पैसा न मस्जिद में जाता था, न मदरसे में और न आश्रम में। तो कहां जाता था? सरकार को पता लगाना चाहिए कि पैसे कहां जा रहे थे।"

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