नई दिल्ली : IRS Daughter Murder: दक्षिण दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके स्थित कैलाश हिल्स में 22 वर्षीय युवती की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। पीड़िता एक आईआरएस अधिकारी की बेटी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी राहुल मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां दी हैं। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि शहरी सुरक्षा और भरोसे को भी झकझोरती है।
वारदात के बाद भागने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल सिम बंद कर दिया और पहचान छिपाने की कोशिश की। पहले वह पास के एक पार्क में छिपा रहा, फिर ऑटो से द्वारका पहुंच गया और वहां एक होटल में ठहर गया। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी गतिविधियों का पीछा किया। ऑटो चालक से पूछताछ में आरोपी की पहचान और होटल का पता चला। इसके बाद पुलिस ने होटल में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। सिम बंद होने के बावजूद आरोपी होटल के वाई-फाई का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर संपर्क में था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली।
पहले से की थी रेकी
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ने वारदात को अचानक अंजाम नहीं दिया, बल्कि पहले से योजना बनाई थी। वह घटना वाले दिन घर के आसपास ही मौजूद था और मौके की तलाश कर रहा था। जैसे ही युवती के माता-पिता सुबह जिम के लिए घर से निकले, आरोपी घर में घुस गया। इससे साफ है कि उसने पहले से ही घर और दिनचर्या की जानकारी जुटा रखी थी।
लूट की मंशा और हमला
घर में घुसने के बाद आरोपी ने युवती से लॉकर की चाबी मांगी। जब उसने चाबी देने से इनकार किया, तो आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, हमले के बाद युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोपी ने बाद में लॉकर खोलने की कोशिश की और घर में रखी नकदी व अन्य सामान लेकर फरार हो गया। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि युवती की मौत गला दबने के कारण हुई। शरीर पर संघर्ष के संकेत भी पाए गए, जिससे स्पष्ट है कि उसने खुद को बचाने की कोशिश की थी।
घर का मंजर और पुलिस जांच
घटना का पता उस समय चला जब युवती के माता-पिता सुबह करीब 8 बजे जिम से लौटे। घर का दरवाजा खोलते ही उन्होंने बेटी को घायल अवस्था में पाया और तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर में कई जगहों पर खून के निशान मिले, साथ ही टूटी हुई वस्तुएं भी बरामद हुईं। सीढ़ियों और कमरों में मिले निशानों से यह संकेत मिला कि आरोपी ने वारदात के दौरान घर के अंदर कई हिस्सों में आवाजाही की थी।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुलासा
पुलिस ने इलाके के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके जरिए आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। फुटेज में वह घर से बाहर निकलते हुए दिखाई दिया। इन वीडियो सबूतों को सुरक्षित कर लिया गया है और जांच में अहम साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। डिजिटल जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने इंटरनेट के माध्यम से अपने परिचितों से संपर्क किया, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन तक पहुंचने में मदद मिली।
आर्थिक दबाव और पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, आरोपी राहुल मीणा पढ़ाई में अच्छा था और उसने 12वीं कक्षा में अच्छे अंक हासिल किए थे। लेकिन बाद में वह ऑनलाइन गेमिंग की लत में फंस गया। इस लत के कारण उस पर भारी कर्ज हो गया, जो करीब सात लाख रुपये तक पहुंच गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव ने उसे आपराधिक रास्ते की ओर धकेला। उसने लूट के इरादे से इस वारदात की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार ने पहले उसकी आर्थिक मदद भी की थी, लेकिन परिस्थितियों ने उसके व्यवहार में बदलाव ला दिया।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी रखी है। साथ ही, वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान और लूटे गए माल की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके और दोषी को सख्त सजा दिलाई जा सके।