संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर उन्हें कमजोर नहीं किया जा सकता: गुलाम अली खटाना
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष देश की प्रगति में बाधा डालने और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है;
नई दिल्ली। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष देश की प्रगति में बाधा डालने और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित रैली, राहुल गांधी के चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों, चीन से संबंधित कथित फर्जी वीडियो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी और जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार पर प्रतिक्रिया दी। खटाना ने कहा कि कांग्रेस को सेना से जुड़े कथित फर्जी वीडियो के मामले में माफी मांगनी चाहिए और कानून को अपना काम करना चाहिए।
इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित रैली पर गुलाम अली खटाना ने संसद में कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ-दस संसदीय सत्रों में कांग्रेस ने देश के कामकाज को नुकसान पहुंचाया और नए सांसदों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया। उन्होंने गल्फ संकट के दौरान जमाखोरी और सिलेंडर इकट्ठा करने के मुद्दे का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस की आलोचना की।
खटाना ने कहा कि कांग्रेस को त्योहारों, संस्कृति, गरीबों, मजदूरों, किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की समझ नहीं है। कांग्रेस की बुनियाद अंग्रेजों ने रखी थी और उसकी राजनीति अटकाने, भटकाने तथा विवाद पैदा करने पर केंद्रित है। व्यापारी पूरे साल दीपावली का इंतजार करते हैं, ताकि बिक्री बढ़े और उनका कारोबार बेहतर हो सके। ऐसे समय में विरोध प्रदर्शनों से व्यापार प्रभावित होने की चिंता को भी समझना चाहिए। खटाना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देशहित से पहले अपने राजनीतिक हितों को रखती है।
सीटीआई के पत्र के बाद राहुल गांधी द्वारा मामला जारी रखने और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने की बात कहे जाने पर खटाना ने कहा कि दबाव बनाकर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में कहा है कि संबंधित फैसले तीनों आयोगों की सहमति से लिए गए। इस संदर्भ में खटाना ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए अवसरों में बदलाव आया है।
उन्होंने दावा किया कि पहले देश कमजोर अर्थव्यवस्था से जूझ रहा था, जबकि अब भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति की ओर बढ़ा है। खटाना ने सस्ते इंटरनेट, युवाओं के कौशल, निर्यात और निवेश की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारतीय युवाओं की प्रतिभा को दुनिया में अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की उपलब्धियों के बजाय विरोध की राजनीति कर रही है।
अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में चीन के घुसने का दावा करने वाले वायरल वीडियो को लेकर खटाना ने कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। सेना की ओर से इसे एआई से बनाया गया वीडियो बताए जाने और फुटेज के 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस का होने की बात सामने आने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों पर कानून को अपना काम करना चाहिए। खटाना ने भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस को दुनिया की बेहतरीन सेनाओं और सुरक्षा बलों में शामिल बताया। ये बल मानवाधिकारों का पालन करते हुए काम करते हैं। सेना का मनोबल कमजोर करने वाली गतिविधियां कांग्रेस की पुरानी मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने इसे बांटो और शासन करो की सोच करार दिया।
प्रधानमंत्री को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी की पृथ्वीराज चव्हाण और समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव द्वारा आलोचना किए जाने पर खटाना ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खड़गे वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने अनुभव के अनुरूप भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। खटाना ने प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी को शर्मनाक और निम्न स्तर की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार पर खटाना ने पुनर्गठन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि 90 सदस्यों वाली विधानसभा में 10 मंत्रियों का प्रावधान है। उन्होंने बिजली और पानी के शुल्क बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी घोषणापत्र में लोगों को सस्ती बिजली और पानी देने की बात कही गई थी, लेकिन शुल्क बढ़ाए गए। उन्होंने सड़कों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। खटाना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं को स्टार्टअप, शिक्षा और खेलों के जरिए आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं और क्षेत्र को पीछे ले जाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।