चुनाव आयोग के प्रेस नोट पर कांग्रेस का सवाल, जयराम रमेश बोले जवाबों से बच रहा आयोग
चुनाव आयोग की ओर से जारी एक हालिया प्रेस नोट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है;
मतदाता सूची विवाद पर कांग्रेस का हमला, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
- जयराम रमेश बोले, सवालों से बच रहा चुनाव आयोग
- मतदाता सूची विवाद पर ईसीआई की निष्पक्षता पर सवाल
- कांग्रेस ने ECINET और वोटर लिस्ट प्रक्रिया को घेरा
- वोटर लिस्ट विवाद पर बढ़ा सियासी घमासान
नई दिल्ली। चुनाव आयोग की ओर से जारी एक हालिया प्रेस नोट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संचार) और सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर एक बयान साझा करते हुए आरोप लगाया कि आयोग का प्रेस नोट कई अहम सवालों के जवाब देने में विफल रहा है और इससे उसकी निष्पक्षता तथा विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े होते हैं।
जयराम रमेश ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि हाल के महीनों में मतदाता सूची, मतदाता नाम हटाने और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर उठे विवादों के बीच चुनाव आयोग ने सफाई देने की कोशिश की है, लेकिन उसके प्रेस नोट में आरोपों का स्पष्ट खंडन नहीं किया गया। पार्टी का दावा है कि आयोग ने विवाद के मूल मुद्दों पर सीधे जवाब देने के बजाय प्रक्रिया संबंधी बातों पर जोर दिया है।
गोवा समेत कई राज्यों के मामलों का जिक्र
बयान में गोवा समेत कुछ राज्यों के मतदाता पंजीकरण से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे, उनके मामले में चुनाव आयोग की कार्रवाई और स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं हैं। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों को लेकर उठी शिकायतों पर समान मानदंड अपनाए गए हैं या नहीं।
ECINET पोर्टल को लेकर कांग्रेस की चिंता
कांग्रेस ने ECINET पोर्टल और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। पार्टी का आरोप है कि तकनीकी और प्रशासनिक बदलावों के कारण कुछ मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है। साथ ही, युवा मतदाताओं के पंजीकरण से संबंधित प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही की मांग
अपने बयान में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची और पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े विवादों पर विस्तृत और पारदर्शी जवाब दिया जाना चाहिए ताकि मतदाताओं का भरोसा बना रहे।
हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमा सकता है।