दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर हंगामा, ‘आप’ के 4 विधायक निलंबित

दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन प्रदूषण को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला

Update: 2026-01-05 18:10 GMT

सदन से बाहर निकाले गए ‘आप’ विधायक, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

  • संजीव झा बोले– जनता की आवाज उठाना अपराध कैसे?
  • दिल्ली में प्रदूषण चरम पर, अस्पतालों में बढ़े मरीज
  • ‘आप’ नेताओं का ऐलान– सदन से बाहर भी उठाते रहेंगे दिल्लीवालों की आवाज

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन प्रदूषण को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सदन में दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा उठाया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर मार्शलों ने 'आप' के सभी विधायकों को सदन से बाहर कर दिया। इस दौरान चार विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित भी कर दिया गया।

इस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। 'आप' विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्लीवासियों के लिए इस समय सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण है। ऐसे में सदन में उपराज्यपाल (एलजी) से इस मुद्दे पर सवाल पूछना अपराध कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि जनता की आवाज उठाने पर सरकार इतनी असहज हो गई कि चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

संजीव झा ने याद दिलाया कि पहले एलजी स्वयं यह कह चुके थे कि दिल्ली सरकार चाहें तो 80 प्रतिशत प्रदूषण कम किया जा सकता है। अब भाजपा की सरकार बने 10 महीने हो चुके हैं, लेकिन वह फॉर्मूला कहां गया, इस पर कोई जवाब नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से दिल्ली की जनता गंभीर प्रदूषण का सामना कर रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सांस संबंधी बीमारियों के कारण अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कई विशेषज्ञों के अनुसार, बीते 12 वर्षों में दिसंबर का महीना सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। डॉक्टरों का कहना है कि बड़ी संख्या में मरीज वेंटिलेटर तक पहुंचे और कई लोगों की जान भी गई। ऐसे हालात में विपक्ष का यह कर्तव्य है कि वह सरकार से जवाब मांगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में न तो एलजी से मुलाकात हो रही है और न ही प्रदूषण को लेकर कोई ठोस नीति सामने आई है। जब 'आप' विधायक एलजी के अभिभाषण के दौरान सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो उन्हें तुरंत मार्शल आउट कर दिया गया। निलंबित किए गए विधायकों में संजीव झा, तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार और सदर बाजार से विधायक सोम दत्त शामिल हैं।

इस मौके पर तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार सवालों से डर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सरकार से जवाबदेही तय कराने के बजाय उसकी ढाल बन गए हैं। जरनैल सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने प्रदूषण पर काम किया होता तो वह पूरे आत्मविश्वास के साथ सवालों का जवाब देती। आज हालात यह हैं कि एम्स, सफदरजंग सहित दिल्ली के बड़े अस्पताल प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के मरीजों से भरे पड़े हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया।

संजीव झा ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपए देने, सस्ता गैस सिलेंडर, जलभराव खत्म करने और यमुना की सफाई जैसे वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 'आप' सरकार के दौरान थर्मल पावर प्लांट बंद किए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद दिल्ली-एनसीआर में कई थर्मल प्लांट फिर से चल रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ा है।

'आप' नेताओं ने स्पष्ट किया कि भले ही उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाए, लेकिन वे दिल्लीवालों की आवाज उठाते रहेंगे। पार्टी ने भाजपा सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

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