देश और दुनिया में शुरू हुई सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं, 43 लाख से अधिक छात्र शामिल
सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं आज, यानी मंगलवार से भारत समेत 26 देशों में शुरू हो गई हैं
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 की शुरुआत, पहले दिन गणित और बायोटेक्नोलॉजी पेपर
- भारत समेत 26 देशों में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा, छात्रों में उत्साह और चुनौती
- 10वीं के छात्रों के लिए पहले दिन गणित की चुनौती, 12वीं में बायोटेक्नोलॉजी एग्जाम
नई दिल्ली। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं आज, यानी मंगलवार से भारत समेत 26 देशों में शुरू हो गई हैं। 43 लाख से अधिक छात्र दसवीं और बारहवीं कक्षा की ये परीक्षाएं दे रहे हैं। पहले दिन दसवीं के छात्र गणित और बारहवीं के छात्र बायो टेक्नोलॉजी का एग्जाम दे रहे हैं।
बोर्ड के अनुसार इस साल कुल 43 लाख 67 हजार 870 छात्र बोर्ड परीक्षा का हिस्सा हैं। इनमें 10वीं कक्षा के छात्रों की संख्या 12वीं कक्षा के छात्रों से कहीं अधिक है। 25 लाख से अधिक छात्र दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं। वहीं 12वीं की परीक्षा में 18 लाख 59 हजार 551 छात्र शामिल हैं। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पहले दिन यानी 17 फरवरी को 10वीं कक्षा के छात्र का गणित (स्टैंडर्ड और बेसिक) का पेपर दे रहे हैं।
वहीं, 12वीं के छात्र का बायोटेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप का एग्जाम दे रहे हैं। दोनों कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं सुबह 10 बजकर 30 मिनट बजे से शुरू हुई। छात्र सुबह 10 बजे से पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे गए थे। दरअसल सीबीएसई का स्पष्ट निर्देश है कि 10 बजे तक हर हाल में छात्रों को अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचना है। 10 बजे के बाद परीक्षा केंद्र में एंट्री बंद कर दी जाएगी। इसलिए छात्र आधा से एक घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंचने लगे थे। यह परीक्षा दोपहर डेढ़ बजे तक जारी रहेगी।
पहले ही दिन गणित की परीक्षा होने के कारण 10वीं के कई छात्र इसे एक चैलेंज की तरह ले रहे हैं। छात्र पूरी तैयारी के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। नई दिल्ली स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे एक छात्र विनीत जायसवाल ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी पूरी की है। स्कूल में रिवीजन और प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी अच्छी हुई हैं। उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहा है; बावजूद इसके पहले ही दिन गणित की परीक्षा काफी चुनौतीपूर्ण शुरुआत है।
एक अन्य छात्रा दीप्ति सक्सेना का कहना था कि पहले ही दिन गणित की परीक्षा किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन इसका एक बड़ा लाभ यह है कि इस परीक्षा के बाद, यानी परीक्षा के पहले ही दिन, सबसे बड़ी चुनौती समाप्त हो जाएगी और शेष परीक्षाओं के लिए वह काफी रिलैक्स रहेंगी। वहीं पूर्वी दिल्ली के एक अन्य परीक्षा केंद्र पर मौजूद गौरांग ने बताया कि वह इस परीक्षा को लेकर काफी उत्साहित हैं। गणित उनके लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय हैं और वह खुश हैं कि सबसे पहले गणित की परीक्षा है। गौरांग ने कहा कि वह इस परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के लिए न केवल छात्रों ही नहीं बल्कि स्कूलों व स्वयं बोर्ड ने भी तैयारी की है। बोर्ड ने स्कूलों से भी कहा है कि यदि प्रश्न पत्र से संबंधित कोई विषय है तो उसके लिए बोर्ड से तुरंत उसी दिन संपर्क किया जाए। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर देशभर के अपने सभी संबद्ध स्कूलों को अहम निर्देश जारी किए हैं।
जारी किए गए दिशा निर्देशों में परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने स्कूलों को याद दिलाया है कि हर साल की तरह इस बार भी प्रश्नपत्र से जुड़ी किसी भी तरह की आपत्ति या सुझाव निर्धारित प्रणाली के तहत ही भेजे जाएं। लेकिन यह देखा गया है कि कई स्कूल तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं। इसमें कई क्या गड़बड़ियां सामने आईं हैं।
बोर्ड के अनुसार कुछ स्कूल प्रश्नपत्र से जुड़ी टिप्पणियां गलत ईमेल आईडी पर भेजते रहे हैं। कई मामलों में परीक्षा के कई दिन बाद आपत्तियां भेजी जाती हैं। कई शिकायतें अस्पष्ट होती हैं, जैसे सिर्फ यह लिख दिया जाता है कि “प्रश्न गलत है”, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि गलती क्या है। बोर्ड ने कहा है कि प्रश्न पत्र को लेकर जो भी समस्या है उसे स्पष्ट तरीके से उसी दिन भेजा जाना चाहिए।