नई दिल्ली। सोमवार से नई दिल्ली में ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है। पांच दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इसमें 20 से अधिक देशों के शीर्ष नेता, 45 से ज्यादा देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकियों को सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श करना है।
वैश्विक नेताओं की मजबूत उपस्थिति
इस शिखर सम्मेलन में कई प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख शामिल होंगे। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज, आबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान प्रमुख हैं। इसके अलावा भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविक, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यूरियाकोस मित्सोटाकिस भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मारीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की भागीदारी भी तय है।
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक संगठनों की भागीदारी
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में 40 से अधिक अग्रणी वैश्विक और भारतीय कंपनियों के सीईओ भाग लेंगे। इससे स्पष्ट है कि यह आयोजन केवल नीतिगत चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग और नवाचार जगत के बीच ठोस साझेदारी पर भी जोर देगा।
‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ थीम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय राजदूतों और महावाणिज्यदूतों ने सम्मेलन के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लेख लिखे हैं। सम्मेलन की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है। इसका उद्देश्य ऐसा भविष्य गढ़ना है जिसमें एआई मानवता की प्रगति का साधन बने, समावेशी विकास को बढ़ावा दे और पृथ्वी की सुरक्षा में योगदान दे। यह सम्मेलन एआई के नैतिक उपयोग, डेटा गोपनीयता, डिजिटल समावेशन और सतत विकास जैसे मुद्दों पर भी व्यापक विमर्श का मंच प्रदान करेगा।
एआई के भविष्य पर वैश्विक विमर्श
पांच दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन में नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक, शोधकर्ता और उद्योग प्रतिनिधि एआई के भविष्य पर विचार साझा करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल हैं:
-एआई को विकासशील देशों के लिए सुलभ बनाना
-डिजिटल असमानता को कम करना
-एआई के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग के मानक
- सार्वजनिक सेवाओं में एआई का उपयोग
- जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई की भूमिका
भारत इस सम्मेलन के जरिए वैश्विक एआई नीति निर्धारण में अपनी सक्रिय भूमिका को रेखांकित करना चाहता है।
सुप्रीम कोर्ट में हाइब्रिड व्यवस्था
शिखर सम्मेलन के दौरान राजधानी में यातायात और सुरक्षा प्रबंधों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 16 से 20 फरवरी तक वकीलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की अनुमति दी है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अनुरोध पर जारी सर्कुलर में कहा गया है कि वकील ट्रैफिक जाम या अन्य कारणों से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाने की स्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि यह व्यवस्था वैकल्पिक होगी और सभी पीठ इस अवधि में हाइब्रिड मोड में कार्य करेंगी।
व्यापक सुरक्षा इंतजाम
सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। भारत मंडपम और आसपास के इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। यातायात प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की गई है।
एनवीडिया के सीईओ की यात्रा रद्द
सम्मेलन से पहले एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग, जो एआई क्षेत्र के प्रमुख वैश्विक चेहरों में से एक हैं, ने अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण हुआंग सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि उनकी कंपनी की ओर से उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन में भाग लेगा।
भारत की वैश्विक भूमिका
‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन भारत के डिजिटल नेतृत्व को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे कार्यक्रमों के बाद यह आयोजन भारत की तकनीकी आकांक्षाओं को नई गति दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन एआई के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग, निवेश और नीति समन्वय के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।
वैश्विक भविष्य की दिशा तय करने की पहल
नई दिल्ली में शुरू हो रहा यह पांच दिवसीय सम्मेलन केवल तकनीकी चर्चा का मंच नहीं, बल्कि वैश्विक भविष्य की दिशा तय करने की पहल है। विश्व के प्रमुख नेताओं, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस आयोजन को विशेष महत्व देती है। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित यह शिखर सम्मेलन यह संदेश देने की कोशिश करेगा कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानवता की साझा प्रगति का साधन बन सकता है।