दिल्ली उपराज्यपाल ने दी सुकेश चंद्रशेखर के साथ 82 जेल अधिकारियों से संबंधों की जांच को मंजूरी
अपराधियों और जेल अधिकारियों के गहरे गठजोड़ के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने बुधवार को दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू को पीओसी अधिनियम, 1988 के तहत दिल्ली जेल विभाग के 82 अधिकारियों की जांच करने की मंजूरी दे दी
नई दिल्ली। अपराधियों और जेल अधिकारियों के गहरे गठजोड़ के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने बुधवार को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भ्रष्टाचार निवारण (पीओसी) अधिनियम, 1988 के तहत दिल्ली जेल विभाग के 82 अधिकारियों की जांच करने की मंजूरी दे दी।
रोहिणी जेल की जेल नंबर 10 से कुख्यात अपराधी सुकेश वी. चंद्रशेखर द्वारा चलाए जा रहे संगठित अपराध सिंडिकेट में उनकी (अधिकारियों की) कथित संलिप्तता के लिए जांच की जाएगी। ईओडब्ल्यू ने पीओसी अधिनियम की धारा 17(ए) के तहत अधिकारियों की जांच के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति मांगी थी, जिसमें पहले से ही आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के साथ-साथ ईओडब्ल्यू द्वारा मकोका और आईटी अधिनियम के साथ-साथ अन्य अपराधों की जांच की जा रही है।
जेल विभाग, जो आप मंत्री सत्येंद्र जैन के अधीन आता है, कई गंभीर विवादों में घिर गया है, जिसमें कैदियों से मोबाइल फोन जब्त करना शामिल है, जिसके बाद हाल ही में विभिन्न जेल परिसरों में और उसके आसपास जैमिंग डिवाइस लगाए गए। मौजूदा मामला भी सुकेश चंद्रशेखर द्वारा कथित तौर पर जेल अधिकारियों की मिलीभगत से 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली से संबंधित है।
ईओडब्ल्यू ने जानकारी दी थी कि वर्तमान मामले में जांच के दौरान आरोपी द्वारा चलाए जा रहे रंगदारी सिंडिकेट को सुगम बनाने के आरोप में सात अधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान इसमें 82 अन्य अधिकारियों की भी संलिप्तता पाई गई, जिन्होंने जेल से सिंडिकेट चलाने में मिलीभगत की थी।