ठेकाकर्मियों को नहीं मिल रही न्यूनतम मजदूरी और एलटीएस का लाभ

बालको संयंत्र में कार्यरत विभिन्न इकाइयों के ठेका मजदूरों को शासन के द्वारा निर्धारित किया गया नया वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है

Update: 2017-10-14 12:42 GMT

कोरबा। बालको संयंत्र में कार्यरत विभिन्न इकाइयों के ठेका मजदूरों को शासन के द्वारा निर्धारित किया गया नया वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों की तरह ठेका कर्मियों के लिए भी एलटीएस किया है, लेकिन इसका भी लाभ आज पर्यन्त नहीं दिया जा सका है। इन दोनों विषयों पर प्लांट 2 के ठेका श्रमिकों ने परिसर में प्रदर्शन कर प्रबंधन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया।

बालको संयंत्र के प्लांट 2 में मेसर्स एफएल स्मिथ के अंतर्गत मेसर्स एनएसपीएल ठेका फर्म द्वारा कार्य कराया जा रहा है। एनएसपीएल के अधीन करीब 80 ठेका श्रमिक नियोजित हैं। इन ठेका श्रमिकों को अप्रैल 2017 से बढ़ा हुआ वेतनमान का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर ठेका कर्मियों ने काम बंद कर संयंत्र के सामने प्रदर्शन किया। अल्युमिनियम कामगार संघ संबद्ध ऐक्टू के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बालको के मानव संसाधन प्रमुख सहित मेटल, कर्मचारी संबंद्ध व पावर मानव संसाधन प्रमुख को ज्ञापन सौंपना चाहा, जिसे लेने से इंकार कर दिया गया।

बाद में एक्टू ने यह ज्ञापन सहायक श्रमायुक्त एवं बालको थाना में सौंपा। ऐक्टू जिलाध्यक्ष बीएल नेताम ने बताया कि ठेका मजदूरों को  6 माह से बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों की तरह ठेका मजदूरों से लॉग टर्म सेटलमेंट (एलटीएस) किया है किन्तु इसका भी लाभ आज तक किसी भी ठेका मजदूर को नहीं मिल पाया है। शासन द्वारा निर्धारित 325 रुपए न्यूनतम मजदूरी इन ठेका कर्मियों का अधिकार है, जिसे दिया जाना चाहिए। सुबह 10 से 5 बजे तक किए गए प्रदर्शन के दौरान ऐक्टू के महासचिव भूपेंद्र गोड़, शिव कुमार यादव, मो. अली, रामजी शर्मा, सतीश शर्मा, विजय शर्मा, रोशनी नेताम आदि ने ठेका मजदूरों को नेतृत्व प्रदान किया। 

कास्ट हाउस-3 में काम पर लौटे ठेका मजदूर, हड़ताल खत्म

बालको संयंत्र कास्ट हाउस 3 में वामन इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड के ठेका श्रमिकों में बंधुआ की तरह काम कराने एवं दिए जाने वाले लाभ से वंचित करने, वेतन पर्ची नहीं देने, पीएफ व ईएसआई, ओटी की पिछले तीन वर्षो से चोरी किए जाने का आरोप लगाते हुए  6 अक्टूबर से एटक के बैनर तले कामबंद हड़ताल शुरू की थी। एटक ने सहायक श्रमायुक्त को पत्र सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया था जिस पर आज एएलसी कार्यालय में बैठक हुई।

एटक प्रांत महासचिव हरिनाथ सिंह ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले बालको प्रबंधन व ठेका कंपनी की ओर से मजदूरों का वेतन पर्ची, ओटी, पीएफ, ईएसआई आदि का संपूर्ण दस्तावेज एएलसी को सौंपा जा चुका था। चूंकि 10 अक्टूबर को एएलसी के समक्ष एटक ने समझाइश देने पर आंदोलन खत्म करने का भरोसा दिया था। 

आज समस्त दस्तावेज जमा किए जाने के बाद वादानुसार कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी और काम पर लौट गए। हरिनाथ सिंह ने बताया कि लगभग 55 ठेका कर्मी आंदोलनरत थे जिनमें से 10 को बर्खास्त कर दिया गया था, एएलसी की पहल पर इन बर्खास्त कर्मियों को भी प्रबंधन ने काम पर वापस लिया है। दूसरी ओर प्रबंधन द्वारा एटक के नरसिम्हाव राव, धमेंद्र, वाईके वर्मा व एसके सिंह के विरूद्ध की गई निलंबन, वसूली और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई पर श्री सिंह ने कहा है कि यह मजदूरों के आंदोलन को दबाने के लिए प्रबंधन द्वारा किया गया कार्य है। आगामी दिनों में इस पर भी रणनीति बनायी जाएगी।

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