छत्तीसगढ़ के पांच नगर निगमों में आज हुए चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारी
छत्तीसगढ़ के पांच नगर निगमों में महापौर के आज हुए चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारते हुए सभी में जीत दर्ज की;
रायपुर । छत्तीसगढ़ के पांच नगर निगमों में महापौर के आज हुए चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारते हुए सभी में जीत दर्ज की हैं।
रायपुर नगम निगम में महापौर के पद पर कांग्रेस के एजाज ढ़ेबर ने भाजपा के मृत्युजंय दुबे को 41 के मुकाबले 29 मतों से शिकस्त दी। रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों में कांग्रेस ने 34,भाजपा ने 9 तथा 7 पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की थी।सभी सात निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस को समर्थन देने से उसकी जीत सुनिश्चित हो गई थी।रायपुर नगर निगम पर कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार महापौर के पद पर कब्जा किया है।
दुर्ग नगर निगम में कांग्रेस के धीरज बाकलीवाल महापौर चुने गए है।उन्होने भाजपा के नरेन्द्र बंजारे को 20 मतो से शिकस्त दी।दुर्ग नगर निगम के 60 सदस्यीय सदन में पार्षद के चुनाव में कांग्रेस को 30,भाजपा के 16 निर्दलीय 13 एवं जनता कांग्रेस का एक उम्मीदवार निर्वाचित हुआ था। दुर्ग नगर निगम पर 20 वर्षों बाद कांग्रेस को महापौर बनाने में सफलता मिली है।
चिरमिरी नगर निगम में कांग्रेस की कंचन जायसवाल निर्विरोध महापौर चुनी गई है। 40 सदस्यीय नगर निगम के सदन में कांग्रेस के 24 पार्षद चुने गए थे जबकि एक निर्दलीय बाद में कांग्रेस में शामिल हो गया था। कंचन जायसवाल कांग्रेस के मनेन्द्रगढ़ विधायक डा.विनय जायसवाल की पत्नी है। रायगढ़ नगर निगम में कांग्रेस की जानकी काटजू एवं धमतरी नगर निगम में कांग्रेस के विजय देवांगन महापौर चुने गए है।
कांग्रेस इससे पूर्व तीन नगर निगमों बिलासपुर,राजनादगांव एवं जगदलपुर में महापौर के पद पर जीत दर्ज कर चुकी है।बिलासपुर में कांग्रेस के राम चरण यादव,राजनांदगांव में हेमा देशमुख एवं जगदलपुर में सफीरा साहू महापौर चुनी गई है।
नगर निगमों में पांच वर्ष पहले हुए महापौर के लिए सीधे मंतदाताओं से हुए चुनाव में कांग्रेस को छह,भाजपा को तीन तथा एक नगर निगम में निर्दलीय ने जीत दर्ज की थी। 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने महापौर के सीधे चुनाव की व्यवस्था को समाप्त कर इस बार केवल पार्षदों की ही सीधा चुनाव करवाया,और फिर पार्षदों ने महापौर को चुनने के लिए वोटिंग की।
कांगेस ने अभी तक हुए सभी आठ नगर निगमों में जीत दर्ज की है लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तीन चौथाई बहुमत से सत्ता में आई कांग्रेस को भाजपा ने सभी जगहों पर कड़ी टक्कर दी है।विधानसभा चुनाव में लगभग सूपड़ा साफ होने के बाद भाजपा ने जहां लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया वहीं निकाय चुनावों में कांग्रेस के मुकाबले अपनी स्थिति को मजबूत किया है।