सीएम विंडों पर प्राप्त शिकायतों का समय सीमा में हो निपटान : खट्टर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि सीएम विंडों पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निपटान समय-सीमा में निपटान किया जाए ताकि लोगों को शीघ्र समाधान मिले
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि सीएम विंडों पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निपटान समय-सीमा में निपटान किया जाए ताकि लोगों को शीघ्र समाधान मिले। उन्होंने हर तीन माह में खुद सीएम विंडों की समीक्षा बैठक करने की भी बात कही।
श्री खट्टर ने आज यहां सीएम विंडों बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस पर आने वाली शिकायतों की पूर्ण जानकारी के लिए विभागीय अधिकारियों के लिए एक मोबाइल ऐप बनाई जाएगी जिसमें सम्बंधित अधिकारी को शिकायतों के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने पुलिस विभाग की शिकायतों का ब्यौरा अलग रखने तथा इन्हें समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का निपटान करने के लिए विभिन्न विभागों को अपने स्तर पर भी कोई अलग प्रणाली विकसित करनी चाहिये। साथ ही उन्हें गत तीन माह के दौरान प्राप्त शिकायतों के निवारण की जानकारी भी नियमित तौर पर उपलब्ध कराई जाए। भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायतों का सम्बंधित वरिष्ठ अधिकारी प्राथमिकता आधार पर निपटान करें तथा जिस किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है तो उससे वरिष्ठ अधिकारी ही मामले की जांच करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव आवश्यकतानुसार भ्रष्टाचार की शिकायतों को सीधे तौर पर विजिलेंस ब्यूरो को जांच के लिए भेज सकते हैं। इसके साथ वह विभिन्न विभागों से सम्बंधित शिकायतों की नियमित समीक्षा भी करें। जब तक किसी भी मामले में स्पष्ट तौर पर कोर्ट की पाबंदी नहीं होती तो विभाग उनका अपने स्तर पर समय सीमा में निपटान करे ताकि शिकायतकर्ता को राहत मिल सके। इसके साथ ही विभाग को दी गई शिकायत का संदर्भ भी सीएम विंडों में प्राप्त होने वाली शिकायतों में दर्ज कराया जाए।
श्री खट्टर ने कहा कि सीएम विंडों की शिकायतों के समाधान के लिए विभाग स्तर पर अतिरिक्त निदेशक या क्लास-ए अधिकारी को नोडल ऑफिसर बनाया जाए। इस सम्बंध में विभाग प्रमुख 15 दिनों में, प्रशासनिक सचिव एक माह, मुख्य सचिव दो माह तथा स्वयं मुख्यमंत्री तीन माह में शिकायतों के निवारण की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही जिला स्तर पर पंचायत विभाग की शिकायतों को सीईओ और शहरी स्थानीय निकाय विभाग की शिकायतों को डीएमसी निवारण करें। सीएम विंडों की शिकायतों के निवारण के लिए उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
बैठक में यह बताया गया कि सीएम विंडों पर 1058888 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 923880 शिकायतों का निपटान किया जा चुका है। इनमें से 54262 शिकायतें असंगत पाई गई हैं तथा 23011 शिकायतों पर कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसके साथ ही 10057 शिकायतों पर कार्रवाई की गई है तथा 29072 शिकायतें ओवरड्यू है और 17614 शिकायतों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बैठक में मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी वी एस एन प्रसाद, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ अमित अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक पी के अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सिंचाई सलाहकर देवेन्द्र सिंह तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।