सीएम ने की घोषणा, हेमचंद यादव के नाम से जाना जाएगा दुर्ग विश्वविद्यालय

पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री दिवंगत हेमचंद यादव के नाम से दुर्ग विश्वविद्यालय की पहचान होगी;

Update: 2018-04-13 17:00 GMT

दुर्ग। पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री दिवंगत हेमचंद यादव के नाम से दुर्ग विश्वविद्यालय की पहचान होगी। इस आशय की घोषणा सीएम डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार को राजनेता हेमचंद यादव के अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान की हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजली अर्पित करते हुए कहा कि हेमचंद यादव ने अपनी पूरा जीवन सादगी और ईमानदारी के साथ बिताया था।

अंतिम संस्कार कार्यक्रम में हेमचंद यादव के पुत्र राजदीप ने उनकें पार्थिव शरीर को मुखाग्नी दी। अंतिम संस्कार से पूर्व गार्ड ऑफ आनर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हेमचंद यादव के निधन को अपूर्णिय क्षति निरुपित करते हुए कहा कि उनका अचानक चले जाना पीड़ा दायक है। वे आजाद शत्रु की तरह जिए। उन्होंने कभी किसी की आलोचना नहीं की। आहार से लेकर विचार तक में पूरी सादगी झलकती थी। उन्होंने कहा कि 30 साल के राजनैतिक कैरियर में उन्होंने अब तक इतनी सादगी जीवन जीने वाला नेता नहीं देखा। राजनीति से जुड़े प्रत्येक को हेमचंद की सादगी को ग्रहण करना चाहिए। 

अधूरी रह गई घर बनानें की इच्छा
मुख्यमंत्री ने दिवंगत हेमचंद यादव से जुड़े संस्मरण का स्मरण करते हुए बताया कि कि वे अक्सर हेमचंद को खाना खाने घर बुलाते थे। तब डायनिंग टेबल पर खाना को देख कहते थे, वीणा भाभी मुझे ये खाना नहीं चाहिए।मुझे तो केवल दूध रोटी दे दो या फिर रबड़ी है तो उसके साथ रोटी दे दो। एक दिन तुम्हारे यहां खाना खाने आऊंगा कहने पर हेमचंद ने बिना विलंब किए कहा था कि नहीं आप बिल्कुल मेरे घर नहीं आएगें। जहां मै बैठता हूं वह दस बाई दास का एक कमरा है। 

अगर आप आ गए तो आपके सुरक्षाकर्मियों से कमरा भर जाएगा। आप के लिए जगह ही नहीं रहेगी। जब मै खुद अपना मकान बनाउंगा तब बुलाउंगा। हेमचंद के इस बात को याद करते हुआ कि शायद ही ऐसा कोई जनप्रतिनिधि होगा जो केबिनेट मंत्री रहा हो और अपना मकान न बनाया हो। लेकिन हेमचंद उन लोगों में से नहीं थे। उन्होंने हेमचंद के चंटखदार रंग वाले कपड़ो के बारे तारीफ करते कहा कि जितना वे चंटखदार रंग वाले कपड़े पहनते थे उतना ही उनका मन साफ था।

मंत्रियों ने निभाया पारिवारिक मित्र का दायित्व
पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमचंद यादव के निधन के पश्चात उनके युवा काल के मित्र केबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, ब्रजमोहन अग्रवाल पूरे समय उनके पार्थिव शरीर के साथ मौजूद रहें। बैगापारा स्थित निवास, भाजपा कार्यालय व अंतिम यात्रा के दौरान दोनों मंत्रियों के साथ मंत्री अजय चंद्राकर भी व्यवस्था का दायित्व सम्हालें हुए हैं। अंतिम संस्कार के पश्चात मुक्तिधाम द्वार पर तीनों मंत्रियों ने हाथ जोड़कर कार्यक्रम में शामिल नागरिकों के प्रति आभार प्रकट किया। 

इनकीं उपस्थिति रहीं विशेष
पूर्व केबिनेट मंत्री हेमचंद यादव की पार्थिव काया के अंतिम विदाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राष्ट्रीय मंत्री सरोज पाण्डेय, विधान सभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल, केबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, रमशीला साहू,  दयाल दास बघेल, पुन्नू लाल मोहले, लाभ चंद बाफना, धरम लाल कौशिक, सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी अनिल जैन, रामप्रताप, अशोक शर्मा, गुरमुख सिंह होरा, बिसरा राम यादव,अशोक शर्मा, रामसेवक पैकरा, गुरमुख सिंह होरा,सांसद ताम्रध्वज साहू, विधायक अरुण वोरा, सजीत राम, तीरथ अग्रवाल, कैलाश शर्मा, विधायक अवधेश चंदेल, रोशन अग्रवाल, आर के राय,शिवरतन शर्मा, प्रतिमा चंद्राकर, प्रदीप चौबे, रविन्द्र चौबे, डॉ. भूषण लाल जांगड़े, अशोक बजाज, सुनील सोनी, भिलाई महापौर देवेन्द्र यादव, राजेन्द्र साहू आदि विशेष रुप से शामिल थे।

राजनैतिक क्षितिज को आघात : अरुण वोरा 
शहर विधायक अरुण वोरा ने हेमचंद यादव के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि वे मेरे राजनैतिक प्रतिद्वंदि जरुर थे, लेकिन उनका मेरे साथ पारिवारिक संबंध था। शहर और प्रदेश के विकास में उनकें योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके निधन से राजनितिक क्षितिज को अघात पहुंचा है। 

पारदर्शी जीवन : प्रेमप्रकाश 
केबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हेमचंद का जीवन पूर्णत: पारदर्शी था। उनके जाने का दुख जितना परिजनों को है वहीं दुख आज हम सब पर है। राजनैतिक सोच में विद्वेष का भाव नहीं था। उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। 

जिया अल्हड़ जीवन : बृजमोहन अग्रवाल
कबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हेमचंद यादव की जीवन शैली में उल्हड़पन था। वे यारो के यार थे, हजारों परिवार के सदस्य थे। आज तक उन्हें कभी मैने तनाव में नहीं देखा। पिछले मंगलवार को जब वे उनसी बात की थी तो चिंता मत कर यार डॉक्टर परेशान करते है, जल्दी ठीक हो जाएगे।

विपक्ष को साधने का था माद्दा : रविन्द्र चौबे
पूर्व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस नेता रविन्द्र चौबे ने कहा कि हेमचंद यादव में विपक्ष को साधने का माद्दा था। विधान सभा में तीन कार्यकाल उनके साथ रहा। पहले कार्यकाल में भी मै सामने था। दो कार्यकाल में वे सामने बैठे। वे एकमात्र ऐसे मंत्री थे जो सबकों संतोष प्रद जवाब देते थे। वे राजनीति में बेहद योग्य थे, यही कारण था कि वे सबके करीब थे। 

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