10 लाख नौकरियों के लिए मुख्यमंत्री, विधायकों का वेतन काटना पड़े तो कटेगा : तेजस्वी

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को 94 सीटों पर मतदान होना है

Update: 2020-11-03 00:28 GMT

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को 94 सीटों पर मतदान होना है, उससे पहले सोमवार की शाम महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर 'युवा नौकरी संवाद' किया। इस दौरान तेजस्वी ने महागठबंधन के वादे याद दिलाए और विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने 'संवाद' में कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान यह बात स्पष्ट रूप से सामने आया कि लोगों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति गुस्सा अब नफरत में बदल गई है।

तेजस्वी ने 10 लाख नौकरियों के वादे को दोहराते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार होते हुए भी बिहार में बेरोजगारी की दर देश में सबसे अधिक 46.6 प्रतिशत है।

तेजस्वी ने इस संवाद के जरिए विरोधियों के इस सवाल का भी जवाब दिया कि नौकरी देने के लिए पैसा कहां से आएगा।

उन्होंने कहा, "बिहार सरकार अपने बजट का 40 फीसदी हिस्सा खर्च नहीं कर पाती। उस राशि का इस्तेमाल किया जाएगा। यदि इस पर भी शक है तो हमारी सरकार बनेगी तो मुख्यमंत्री और विधायकों की सैलरी में कटौती करनी पड़े या रोकनी पड़े तो रोककर नौजवानों को सैलरी देगी।"

तेजस्वी ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि 15 साल में छह लाख नौकरियां दीं, लेकिन वह यह नहीं बताते हैं कि इनमें से ज्यादातर नौकरियां संविदा वाली थीं।

तेजस्वी ने कहा कि राजद सरकार के काल में बिहार में सात विश्वविद्यालय बनाए गए थे। अब अगर महागठबंधन की सरकार बनेगी तो बेगूसराय में राष्ट्रकवि दिनकर विश्वविद्यालय और मिथिलांचल में जननायक कर्पूरी ठाकुर विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम युवाओं को तीन साल में ग्रेजुएशन की डिग्री देंगे।"

उन्होंने व्यापारी सुरक्षा दस्ता का गठन करने का वादा करते हुए कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार में सुरक्षा के दृष्टिकोण से व्यापारी सुरक्षा दस्ता बनाया जाएगा।

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