नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत तेज
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल लोकसभा में गिरने के बाद देशभर के साथ प्रदेश में भी सियासत तेज हो गई;
भाजपा-कांग्रेस के बीच घमासान
रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल लोकसभा में गिरने के बाद देशभर के साथ प्रदेश में भी सियासत तेज हो गई। भाजपा और समर्थित दल इसे जहां देश-प्रदेश की आधी आबादी में कुठाराघात और नारी का अपमान करार दिया है वहीं कांग्रेस इसे परिसीमन कराने के लिए लाया गया बिल बता रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दल इस बिल के माध्यम से अपनी राजनीति मजबूत करने में जुट गए है, साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में इसका क्या प्रभाव पड़ेगा यह समय ही बताएगा।
ऐतिहासिक गलती के लिए छग की महिलाएं कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगी : अरुण साव
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं होने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे कांग्रेस की ऐतिहासिक गलती करार देते हुए कहा कि इसके लिए छत्तीसगढ़ की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर कहा कि वास्तव में देश की आधी आबादी के साथ अन्याय और धोखा हुआ है। दशकों तक नारी शक्ति को उनके अधिकार से वंचित किया गया है।जब नगरीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिला हुआ है, तो उन्हें विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पिछले चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रयत्न किया कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिले, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति को फिर से उनके अधिकार से वंचित किया है। उनकी आवाज को और बुलंद करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि ये कितनी हास्यास्पद बात है कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा करके जिस रंजीता रंजन को राज्यसभा में भेजा गया, वही रंजीता रंजन आज छत्तीसगढ़ आ रही हैं। जिसने संसद में बिल के खिलाफ समर्थन कर छत्तीसगढ़ के माताएं और बहनों को अधिकार से वंचित किया।
साव ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ और छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के साथ धोखा हुआ है। भविष्य में कांग्रेस को यह बहुत भारी पडऩे वाली है।छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। उनके अधिकारों से वंचित करने वाली ही आज इस विषय में सवाल करने आ रही है, ये कितनी हास्यास्पद बात है। उन्हें तो पहले छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के सवालों का जवाब देना होगा।