छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का हल्ला बोल: भाजपा कार्यालयों का घेराव
छत्तीसगढ़ में प्रदेश युवा कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालयों का प्रदेशव्यापी घेराव किया
‘पीएम कम्प्रोमाइज्ड’ के नारे: युवा कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
- रायपुर में पुलिस-कांग्रेस टकराव: बैरिकेडिंग और धक्का-मुक्की से तनाव
- भाजपा का पलटवार: कांग्रेस पर एआई समिट बदनाम करने का आरोप
- आकाश शर्मा का हमला: बेरोजगारी, किसान और लोकतंत्र पर सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रदेश युवा कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालयों का प्रदेशव्यापी घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड' के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
वहीं, इस आंदोलन के जवाब में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कांग्रेस पर हाल ही में संपन्न एआई समिट के दौरान भारत की छवि धूमिल करने की सोची-समझी साजिश रचने का आरोप लगाया।
रायपुर में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी चौक से भाजपा के रजबंधा मैदान स्थित प्रदेश कार्यालय की ओर कूच किया था। प्रदर्शनकारी 'पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड', 'बेरोजगारी बंद करो' और 'किसानों को न्याय दो' जैसे नारे लगा रहे थे। हालांकि, मार्ग में पुलिस प्रशासन ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिससे पुलिस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई और धक्का-मुक्की भी हुई। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके शांतिपूर्ण विरोध को कुचलने के लिए अत्यधिक बल का प्रयोग किया है।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के सामने कई सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या नेता विपक्ष को गोली मारने की बात करने, चीनी रोबोट को अपना नवाचार बताने और अमेरिका के सामने झुककर एकतरफा ट्रेड डील करने से देश की छवि खराब नहीं होती? प्रदर्शन के मुख्य मुद्दों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम एप्स्टीन फाइल में आने पर सरकार द्वारा स्पष्ट जवाब न देना, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव में किसान-विरोधी डील साइन करना और लोकतांत्रिक विरोध को देशद्रोह बताकर आवाज दबाने का प्रयास शामिल था।
युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "आज देश का युवा हताश है और किसान संघर्ष कर रहा है। बेरोजगारी चरम पर है और महंगाई आसमान छू रही है। सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर झूठे आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटका रही है। अमेरिका के साथ की जा रही डीलें पूरी तरह किसान-विरोधी हैं।" शर्मा ने सवाल उठाया कि आखिर वह कौन-सी मजबूरी है कि देशहित को ताक पर रखकर एकतरफा समझौते किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि एप्स्टीन फाइल जैसे गंभीर मामलों पर चुप्पी क्यों है? हमारी लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा, युवाओं के अधिकारों और किसानों के भविष्य के लिए है।"
इस प्रदर्शन में शहर जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष पप्पू बंजारे, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, प्रदेश महासचिव गुलज़ेब अहमद, भावेश शुक्ला, निखिलकांत साहू, नीरज घोड़े, आस मोहम्मद, मीडिया अध्यक्ष तुषार गुहा, जिला अध्यक्ष विनोद कश्यप, प्रशांत बोकाडे, प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा, प्रदेश सचिव अमिताभ घोष, अभिषेक कसर, मनोहरण वर्मा, वैभव पांडे, अपराजिता तिवारी, हेमंत पाल, वैभव मुंजावर और प्रशांत चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
युवा कांग्रेस के इस आंदोलन पर भाजपा ने पलटवार किया। श्री देव ने नयी दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान कथित नग्न प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। देव ने आरोप लगाया कि यह भारत को अपमानित करने की कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी के उकसावे पर की गई यह घिनौनी हरकत कांग्रेस के वैचारिक पतन को उजागर करती है। राहुल गांधी ने कथित तौर पर अपने कार्यकर्ताओं को दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट में निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया, जो उनके मानसिक दिवालियेपन का परिचायक है।"
उन्होंने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत नवाचार और प्रगति के पथ पर अग्रसर है और दुनिया उसकी तकनीकी क्षमता का लोहा मान रही है, वहीं कांग्रेस केवल व्यवधान फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया, "यह स्पष्ट है कि कांग्रेस ने एआई समिट को बदनाम करने की साजिश पहले से रच ली थी। राहुल गांधी के इशारे पर लोगों को इकट्ठा किया गया और इस अपमानजनक कृत्य के लिए उकसाया गया। राहुल गांधी भारत को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते, इसलिए उन्होंने देश को शर्मिंदा करने का यह रास्ता चुना।"