फतेह जंग बाजवा का हमला- ‘आतिशी विधानसभा में रहने लायक नहीं’
पंजाब बीजेपी नेता फतेह जंग बाजवा ने दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी पर पलटवार किया और कहा कि वह दिल्ली की सीएम रह चुकी हैं और वह विधानसभा में दिल्ली सीएम के सामने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं
भाजपा विधायकों ने स्पीकर को लिखा पत्र, सदस्यता रद्द करने की मांग
- ‘कुत्तों और गुरुओं’ पर टिप्पणी को बताया शर्मनाक और अस्वीकार्य
- मनरेगा पर विपक्ष की राजनीति पर बाजवा का पलटवार
- सरकार ने किया सुधार- 125 दिन रोजगार और मजदूरों के खाते में सीधा भुगतान
चंडीगढ़। पंजाब बीजेपी नेता फतेह जंग बाजवा ने दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी पर पलटवार किया और कहा कि वह दिल्ली की सीएम रह चुकी हैं और वह विधानसभा में दिल्ली सीएम के सामने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं?
पंजाब बीजेपी नेता फतेह जंग बाजवा ने कहा कि विधानसभा में आतिशी, दिल्ली की सीएम के सामने ऐसे कैसे कह सकती हैं कि आप कुत्तों और गुरुओं के मुद्दों पर बात करती हैं? उनके इस बयान पर मुझे हैरानी हुई। उनकी सोच छोटी है। ऐसे लोगों को चुनना ही नहीं चाहिए। ऐसे लोग विधायक बनने के लायक नहीं हैं।
उन्होंने आतिशी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पता ही नहीं कि क्या बोल रही हैं। भाजपा के विधायकों ने स्पीकर को लिखकर दिया है कि इनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। मैं इससे सहमत हूं और इसका समर्थन करता हूं कि आतिशी जैसे लोग विधानसभा में रहने के लायक नहीं हैं। उनकी सोच छोटी है। ये लोग पंजाब के लिए भी श्राप हैं।
फतेह जंग बाजवा ने कहा कि विपक्षी दल के लोग मनरेगा पर राजनीति कर रहे हैं। जब कृषि मंत्री हमारे यहां आए थे, तो मनरेगा के यूनियन के लोग उनसे मिलने गए थे। उन्होंने बताया कि काम ही नहीं मिलता और दिखाया कि सौ दिन की जगह 29 दिन काम मिला था। 1500 करोड़ का पैसा सरकार के पास आता था, तो पैसा कहां जाता था?
उन्होंने कहा कि अब सरकार ने इसमें बदलाव किया तो उन्हें तकलीफ होने लगी। पहले 100 दिन काम की गारंटी थी, लेकिन अब 125 दिन काम की गारंटी मिलेगी। खेती को ध्यान में रखकर 2 महीने इसमें मजदूरों को छुट्टी देने की बात कही गई है। ऐसे कई लोग थे, जो काम किसी और से करवाते थे और पैसा कोई लेता था। सरकार ने इसको लेकर भी कानून बनाया है। अब जो आदमी काम करेगा, पैसा सीधे उसी के खाते में जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अच्छा काम किया है। ये लोग किस चीज का विरोध कर रहे हैं? इन्हें कुछ नहीं मिला तो नाम को लेकर विवाद कर रहे हैं। सरकार ने सिर्फ यह किया है कि 125 दिन काम मिले और जो काम करे, उसके खाते में पैसा जाए।