केंद्र ने मप्र की 3009 करोड़ की जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि रोकी : मंत्री

मध्यप्रदेश के वाणिज्यिक कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर राज्य के साथ असहयोगात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है

Update: 2019-12-15 23:38 GMT

भोपाल। मध्यप्रदेश के वाणिज्यिक कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर राज्य के साथ असहयोगात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार के समक्ष राज्य का जीएसटी का लगभग 3009 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान लंबित है।

राज्य में कांग्रेस को सत्ता में आए एक साल होने पर अपने विभाग का ब्यौरा देते हुए राठौर ने रविवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के समक्ष मध्यप्रदेश की लगभग 3009 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि लंबित है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जीएसटी कउंसिल की प्रत्येक बैठक में प्रदेश के पक्ष को मजबूती से रखा है। लंबित क्षतिपूर्ति राशि जारी करने के लिए हाल ही में केंद्रीय वित्तमंत्री से मिलकर विशेष आग्रह किया गया है।

मंत्री राठौर ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2019 में कर की दरों में कमी की है। इलेक्ट्रिक व्हीकल पर 12 से घटाकर पांच प्रतिशत, इनके चार्जर पर 18 से घटाकर 5 प्रतिशत और दोना-पत्तल पर पांच से घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है। रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग (45 लाख के मूल्य तक) कर की दर आठ से घटाकर एक प्रतिशत की गई है। साथ ही, नान अफोर्डेबल हाउसिंग पर कर की दर 12 से घटाकर पांच प्रतिशत की गई है।

उन्होंने बताया है कि पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने सभी श्रेणी के करदाताओं के लिए कर प्रणाली को सरल और सुगम बना दिया है। जीएसटी सिस्टम में पंजीयन की कार्यवाही अब कम्प्यूटर प्रणाली से की जा रही है। एक जुलाई 2019 से जीएसटी में अनिवार्य पंजीयन के लिए करदाताओं की वार्षिक टर्नओवर सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दिया गया है।

मंत्री राठौर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के समस्त गाइडलाइन क्षेत्रों को जीपीएस से टैग करने का निर्णय लिया है। इससे कोई भी व्यक्ति मध्यप्रदेश के किसी भी क्षेत्र में नए मोबाइल एप से अंचल संपत्ति की दर जान सकेगा। जिस जगह व्यक्ति खड़ा होगा, उस क्षेत्र की गाइडलाइन दरों के साथ आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेगा।
 

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