आयात में गिरावट के बीच कीमती धातुओं ने पकड़ी रफ्तार
नई दिल्ली, हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली।;
नई दिल्ली, हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। भारत में लगातार दूसरे महीने सोने और चांदी के आयात में गिरावट के बीच निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ती दिखाई दी। बाजार खुलते ही सोना बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी ने इससे भी मजबूत तेजी दर्ज की। वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों और मांग को लेकर उम्मीदों ने दोनों धातुओं को समर्थन दिया है।
घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,48,481 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि चांदी का भाव 1.1 प्रतिशत बढ़कर 2,13,128 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों की अस्थिरता के बाद यह तेजी निवेशकों और कारोबारियों दोनों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।
एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को अपने पिछले बंद भाव 1,47,489 रुपए से 292 रुपए यानी 0.19 प्रतिशत उछलकर 1,47,781 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। लेकिन बाद के कारोबारी सत्र में इसने 1,146 रुपए यानी 0.77 प्रतिशत चढ़कर 1,48,635 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
जबकि दिसंबर चांदी ने सोने से ज्यादा मजबूती दिखाई और यह अपने पिछले बंद भाव 2,10,660 रुपए से 1,132 रुपए यानी 0.53 प्रतिशत चढ़कर 2,11,792 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली, लेकिन बाद के कारोबार में यह 2,740 रुपए या 1.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,13,400 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी में औद्योगिक मांग और वैश्विक संकेतों का असर अधिक दिखाई दे रहा है, जिसके चलते इसमें सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में भी दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। दिन के कारोबार में सोना लगभग 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,202.20 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 1.39 प्रतिशत चढ़कर 57.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।
वैश्विक बाजार में आई इस मजबूती का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशक अभी भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, जिनका सीधा प्रभाव कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सितंबर महीने के दौरान सोने के आयात में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई। सितंबर में सोने का आयात 81.27 प्रतिशत घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया। इसी तरह चांदी का आयात भी लगातार दूसरे महीने कम हुआ और 49.11 प्रतिशत गिरकर 66.50 करोड़ डॉलर पर आ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में हुई बढ़ोतरी के कारण आयात प्रभावित हुआ है। हालांकि आयात में गिरावट के बावजूद घरेलू निवेश और मांग का रुझान बाजार को समर्थन देता दिखाई दे रहा है।
बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और त्योहारी मांग से प्रभावित हो सकती हैं। भारत में त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन की शुरुआत के साथ भौतिक मांग बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। यदि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है तो सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोना और चांदी दोनों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।