उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी बसपा: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी

Update: 2021-06-27 12:56 GMT

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी। रविवार को ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, उन्होंने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया कि जिसमें कहा जा रहा था कि बसपा उत्तर प्रदेश में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ हाथ मिलाएगी।

 

उन्होंने कहा, "यह खबर फैलाई जा रही है कि एआईएमआईएम और बसपा यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ेंगे। यह खबर पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार है। इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है, और बसपा इसका जोरदार खंडन करती है।"

1. मीडिया के एक न्यूज चैनल में कल से यह खबर प्रसारित की जा रही है कि यूपी में आगामी विधानसभा आमचुनाव औवेसी की पार्टी AIMIM व बीएसपी मिलकर लड़ेगी। यह खबर पूर्णतः गलत, भ्रामक व तथ्यहीन है। इसमें रत्तीभर भी सच्चाई नहीं है तथा बीएसपी इसका जोरदार खण्डन करती है। 1/2

— Mayawati (@Mayawati) June 27, 2021

उन्होंने आगे कहा कि बसपा यह स्पष्ट करना चाहेगी कि पंजाब को छोड़कर, पार्टी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

2. वैसे इस सम्बन्ध में पार्टी द्वारा फिरसे यह स्पष्ट किया जाता है कि पंजाब को छोड़कर, यूपी व उत्तराखण्ड प्रदेश में अगले वर्ष के प्रारंभ में होने वाला विधानसभा का यह आमचुनाव बीएसपी किसी भी पार्टी के साथ कोई भी गठबन्धन करके नहीं लड़ेगी अर्थात् अकेले ही लड़ेगी। 2/2

— Mayawati (@Mayawati) June 27, 2021

3. बीएसपी के बारे में इस किस्म की मनगढ़न्त व भ्रमित करने वाली खबरों को खास ध्यान में रखकर ही अब बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद श्री सतीश चन्द्र मिश्र को बीएसपी मीडिया सेल का राष्ट्रीय कोओर्डिनेटर बना दिया गया है। 3/4

— Mayawati (@Mayawati) June 27, 2021

4. साथ ही, मीडिया से भी यह अपील है कि वे बहुजन समाज पार्टी व पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि के सम्बन्ध में इस किस्म की भ्रमित करने वाली अन्य कोई भी गलत खबर लिखने, दिखाने व छापने से पहले श्री एस.सी. मिश्र से उस सम्बंध में सही जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। 4/4

— Mayawati (@Mayawati) June 27, 2021

बसपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन किया है।

2007 में 206 सीटें जीतकर सत्ता में आई बसपा 2012 में सिर्फ 80 सीटों के साथ रह गई थी।

2014 में मायावती की पार्टी ने एक भी लोकसभा सीट नहीं जीती थी और 2017 के उत्तर विधानसभा चुनाव में उसे सिर्फ 19 सीटें मिली थीं।

पिछले कुछ वर्षों में बसपा का समर्थन आधार घटने के साथ, भाजपा और समाजवादी पार्टी 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

अप्रैल में, अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी (सपा) एक बाबा साहेब वाहिनी का गठन करेगी जिसका नाम दलित आइकन डॉ बी.आर. अम्बेडकर पर होगा।

बाबा साहेब वाहिनी का उद्देश्य दलितों को समाजवादी पाले में लाना और उन्हें सामाजिक शोषण से सुरक्षा का आश्वासन देना है।

भाजपा ने अब घोषणा की है कि वह अंबेडकर के नाम पर एक स्मारक बनाएगी।

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा सहयोगी थे।

हालांकि, लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद, मायावती ने यह घोषणा करते हुए पार्टी से नाता तोड़ लिया कि उनकी पार्टी फिर कभी सपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

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