विधेयक आजाद भारत का काला कानून है: गिरिजा व्यास
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ़ गिरिजा व्यास ने दंड प्रक्रिया में संशोधन करने के लिए विधानसभा में पेश किए गये विधेयक का विरोध किया;
चित्तौड़गढ़। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ़ गिरिजा व्यास ने दंड प्रक्रिया में संशोधन करने के लिए विधानसभा में पेश किए गये विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि ये कानून ना केवल लोगों के न्यायिक अधिकारों का हनन है बल्कि आजाद भारत का काला कानून है।
डॉ़ व्यास ने आज अपने निवास पर पत्रकारों से कहा कि राजस्थान की वसुंधरा राजे व उनके कई मंत्री तथा विधायक घोर भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं तथा नौकरशाहों को भी इसमें शामिल किया है और अब इनके भ्रष्ट कारनामें उजागर हो रहे हैं और जेल जाने की तलवार लटक रही है तब अपने को बचाने के लिए यह विधेयक लाया गया है।
उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश के लागू होने से आम लोगों के न्यायिक अधिकारों का हनन होगा। इस कानून के लागू होने के बाद आम जनता किसी भी जनप्रतिनिधि अथवा अधिकारियों से पीड़ीत होगी तो उसकी सुनवाई का एक मात्र अधिकार इस्तगासे के जरिये रिपोर्ट दर्ज करवाने का भी खत्म हो जाएगा।
चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र में अचानक मार्फिन के नाम पर हजारों किसानों के अफीम पट्टे काटने का भी डॉ़ व्यास ने घोर विरोध करते हुए कहा कि अचानक बुवाई के समय पट्टे काट देना किसानों के साथ अन्याय है।