'मिशन राहत’ के तहत बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंच रही अदाणी फाउंडेशन की सहायता

गंगा नदी में बढ़े जलस्तर से बिहार स्थित पीरपैंती प्रखंड के कई गांव प्रभावित हैं। बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अदाणी फाउंडेशन की ओर से ‘मिशन राहत’ बाढ़ सहायता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।;

Update: 2026-09-15 18:33 GMT

पीरपैंती। गंगा नदी में बढ़े जलस्तर से बिहार स्थित पीरपैंती प्रखंड के कई गांव प्रभावित हैं। बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अदाणी फाउंडेशन की ओर से ‘मिशन राहत’ बाढ़ सहायता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम के तहत अदाणी फाउंडेशन की टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर घर-घर राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। अब तक दो हजार से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंच बनाकर उन्हें आवश्यक सामग्री के रूप में तिरपाल, टॉर्च तथा मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराया गया है।

अदाणी फाउंडेशन की टीम द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार जायजा लिया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके। इस पहल का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस चुनौतीपूर्ण समय में उनके साथ खड़ा रहना है।

वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 579.23 करोड़ रुपए की आनुग्रहिक राहत राशि अंतरित करने की प्रक्रिया शुरू की। प्रत्येक प्रभावित परिवार को 7 हजार रुपए की सहायता दी गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सरकारी राहत से वंचित न रहे और यदि कोई परिवार सूची से छूट गया है तो उसे एक सप्ताह के भीतर राहत सूची में शामिल किया जाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ की चुनौतीपूर्ण स्थिति में राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत और 2,642 गांव तथा 21 शहरों के 136 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इससे करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 55 हजार हेक्टेयर भूमि पर बाढ़ का असर पड़ा है। बाढ़ के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से अब तक करीब 1.28 करोड़ थालियां परोसी जा चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जाए।

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