भारतीय किसान संघ का 22 नवंबर को भोपाल में शंखनाद

ग्वालियर: भारतीय किसान संघ का प्रदेश व्यापी शंखनाद ग्राम सभा से विधानसभा तक किया गया है। यह आंदोलन 22 नवंबर से शुरू होगा जो 18 सूत्री मांगों को लेकर है।

Update: 2022-11-17 11:13 GMT

गजेन्द्र इंगले

ग्वालियर: भारतीय किसान संघ का प्रदेश व्यापी शंखनाद ग्राम सभा से विधानसभा तक किया गया है। यह आंदोलन 22 नवंबर से शुरू होगा जो 18 सूत्री मांगों को लेकर है। लंबे समय से प्रदेश सरकार से किसान यह मांग कर रहे हैं।अब मांगो पर सरकार की उदासीनता को देखते हुए किसान आंदोलन करने को मजबूर हैं। 

सरकार से किसानों की मुख्य मांगे इस प्रकार हैं।
 
1. प्रदेश सरकार खेती किसानों से संबंधित विषयों पर चर्चा हेतु विधानसभा का सात दिवसीय विशेष सत्र बुलाए।
2. वर्तमान में अतिवृष्टि वायरस अफलन से हुए नुकसान की भरपाई कर पुराने किसानों के भावांतर मुआवजा बीमा की राशि का अति शीघ्र भुगतान करें साथ ही आपके द्वारा की गई घोषणा अनुसार डिफाल्टर किसानों का ब्याज माफ कर उन्हें सोसायटीओं से खाद बीज प्रदान किया जाए।
3. मुख्यमंत्री कृषि पंप अनुदान योजना अतिशीघ्र चालू की जाए।
4. सभी ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को अंडर लोड कर जले हुए ट्रांसफार्मर 24 घंटे में उपलब्ध करवाया जाए ट्रांसफार्मर को लेकर एक एंबुलेंस सेवा सव डिवीजन स्तर पर चालू की जाए।
5. जिन किसानों की विद्युत पंप की बिना जांच किए भार वृद्धि की गई है उसे अतिशीघ्र वापस लिया जाए।
6. सभी वितरण केंद्र स्तर पर बिजली समस्या समाधान के कैंप लगाकर तत्काल किसानों की समस्याएं एवं बिलों की समस्याएं हल की जाएं।
7. मुख्यमंत्री खेत सड़क योजना एवं बलराम तालाब योजना पुनः अतिशीघ्र चालू की जाए।
8. प्रदेश के अंदर सभी नहरों की मरम्मत की जाए ताकि समय पर किसानों को पूरा पानी दिया जा सके।
9. पूरे प्रदेश में सभी देसी गोपालक किसानों को 900 रुपए प्रति गाय प्रतिमाह दी जाए।
10. प्रदेश में जैविक कृषि को प्रोत्साहन देने के लिए जैविक कृषि बोर्ड का गठन किया जाए।
11. मुख्यमंत्री सम्मान निधि की राशि 4000 से बढ़ाकर 10000  करदी जाए।
12. राजस्व के प्रकरणों का पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर अतिशीघ्र समाधान किया जाए।
13. जमीन क्रय करने वाले व्यक्ति को रजिस्ट्री के बाद अधिकतम 7 दिवस के अंदर नामांतरण  किया जाए ताकि जालसाजी से बचा जा सके।
14. प्रदेश में जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं से कृषि क्षेत्र की रक्षा कर उससे होने वाले नुकसान की अतिशीघ्र भरपाई की जाए।
15. जिन क्षेत्रों में कृषि भूमि की गाइडलाइन बहुत कम है उसे बढ़ाया जाए और भूमि अधिग्रहण करते समय किसानों को गाइड लाइन का 4 गुना मुआवजा दिया जाए! अति आवश्यक होने पर ही उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण किया जाए!
16. प्रदेश की मंडियों में कार्यरत महिला मजदूरों को हम्माल का दर्जा दिया जाए।
17. प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को भांग किया जाए जिससे योजनाओं के नाम पर किसानों के साथ होने वाली लूट बंद हो सकेगी क्योंकि वर्तमान में अनेक कॉलोनाइजर्स सस्ते और सुलभ भूखंड जनता को उपलब्ध करवा रहे हैं।
18. प्रदेश की मंडियों में मानक परीक्षण हेतु 
डॉकेज टेस्टिंग मशीनें लगाई जाएं एवं कृषि उपज तोलने हेतु 10 टन के फ्लैट कांटे लगाए जाएं भारतीय किसान संघ द्वारा बनाए गए सभी एफपीओ को सभी प्रकार की सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
 
 
भवानी शंकर शर्मा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चौधरी भूपेंद्र सिंह प्रांतउपाध्यक्ष डॉ पुलंदर सिंह राणा प्रांतमंत्री श्रीमती परमजीत कौर प्रांत संयोजिका हाकिम सिंह राणा संभागीय  उपाध्यक्ष राम सिंह किरार जिला अध्यक्ष रामाधार यादव उपाध्यक्ष अशोक सिंह गुर्जर नगर अध्यक्ष जन्डेलसिंह गुर्जर जिला मंत्री रामअवतार चौहान राजेंद्र नायक कदम सिंह मोर्य मुकेश शर्मा रामबरन बघेल चिरमल ने प्रेसवार्ता में उपस्थित रहकर यह जानकारी साझा की।

 

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