उप्र और दिल्ली से हुईं गिरफ्तारियां चुनावी तैयारी

रिहाई मंच ने एनआईए द्वारा उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कई जगहों से आतंकवाद के नाम पर की गई गिरफ्तारियों को भाजपा की चुनावी तैयारी बताया

Update: 2018-12-29 22:51 GMT

लखनऊ। रिहाई मंच ने एनआईए द्वारा उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कई जगहों से आतंकवाद के नाम पर की गई गिरफ्तारियों को भाजपा की चुनावी तैयारी बताया। मंच ने कहा कि ट्रैक्टर के हाड्रोलिक पंप को रॉकेट लांचर बताना न सिर्फ हास्यास्पद है, बल्कि आतंकवाद जैसे गंभीर मामले में एनआईए जैसी एजेंसी को लगाना अगंभीरता दर्शाता है। मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने सुरक्षा एजेंसियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे मीडिया में अपने सूत्रों से अफवाह भरी खबरें प्लांट करवा कर पूरे देश में तनाव का माहौल पैदा करते हैं। असलियत यह है कि जिस आईएस के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के नाम पर वे माहौल बना रहे हैं, उसके बारे में अपने दस्तावेजों में कुछ नहीं कहते। इसी तरह पुलिस और आरएसएस मुख्यालय पर हमले की अफवाह फैलाई गई।

उन्होंने कहा कि यह भी सवाल है कि पुलिस और आरएसएस में कोई वैचारिक संबंध है, तभी ये दोनों अपने लिए इस तरह की अफवाहें उड़वाते हैं।

वहीं अवामी काउंसिल के महासचिव असद हयात ने कहा कि पुलिस जिसे रॉकेट लांचर बता रही है, वो ट्रॉली में लगने वाला जैक है, जिससे ट्रॉली को मिट्टी डालने के लिए ऊपर उठाया जाता है। अगर ये रॉकेट लांचर है तो फिर सभी किसानों को गिरफ्तार कर लेना चाहिए, क्योंकि ये तो सभी ट्रॉलियों में लगा होता है।

उन्होंने कहा कि गौर करनेवाली बात है कि वर्ष 2017 के चुनाव के ठीक वक्त खोरासन मॉड्यूल का खुलासा करने वाली सुरक्षा एजेंसियों द्वारा 2019 के चुनावों के ठीक पहले हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का खुलासा किया जा रहा है।

हयात ने कहा कि एनआईए आईजी आलोक मित्तल ने सीक्रेट मॉड्यूल से खतरनाक हथियारों का जखीरा मिलने और आत्मघाती हमले की बात कही। उन्हें बताना चाहिए कि जिन देसी तमंचों और सुतली बम की बरामदगी दिखाई गई, उसका इस्तेमाल क्या आईएस जैसा खतरनाक संगठन करेगा? 

उन्होंने कहा कि एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने कहा था कि मॉड्यूल की तैयारी के स्तर से लगता है कि निकट भविष्य में इरादा रिमोट कंट्रोल वाले और फिदायीन हमले करने का था। यह आईसी से प्रभावित नया मॉड्यूल है जो विदेशी एजेंट के संपर्क में था। रिमोट कंट्रोल, आत्मघाती जैकेट, रेडिकलाइजेशन, विदेशी आकाओं के इशारे पर संचालित इस मॉड्यूल की 'गंभीरता' और भारत पर बड़े हमले की योजना जैसे खुलासों को देसी कट्टे की बरामदगी से कैसे पुष्ट किया जा सकता है।

हयात ने कहा, "यही नहीं, जांच एजेंसी ने आईएस के पोस्टर बरामद करने का दावा किया है। उन कथित पोस्टरों पर किसी संगठन का नाम नहीं है। एकदम नया छपा पोस्टर सच के नजदीक नहीं दिखते।"

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