अन्तरा राव ने लघु फिल्मों के लिए फेस्टिवल की मांग की

फ़्रांस के कान फिल्म समारोह में भाग लेकर लौटी युवा अभिनेत्री अंतरा राव ने सरकार से लघु फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए गोवा फिल्म फेस्टिवल की तरह से एक अलग फेस्टिवल करने की मांग की है

Update: 2018-06-04 00:47 GMT

नई दिल्ली। फ़्रांस के कान फिल्म समारोह में भाग लेकर लौटी युवा अभिनेत्री अंतरा राव ने सरकार से लघु फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए गोवा फिल्म फेस्टिवल की तरह से एक अलग फेस्टिवल करने की मांग की है।

मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्य राय और दीपिका पादुकोण की तरह कान फिल्म समारोह में रेड कारपेट पर कैटवाक के जरिये सुर्ख़ियों में आयी अंतरा राव ने यूनीवार्ता से कहा कि देश में हर साल हिन्दी में करीब छह हज़ार फिल्में बन रही हैं लेकिन लघु फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को एक नीति बनानी चाहिए और उद्योग जगत को भी सामने आना चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मेरी कालेज की बीस वर्षीय छात्र की लघु फिल्म ‘अस्थि’ भी इस बार कान फिल्म समारोह में भी शामिल थीं दुनियाभर से तीन हज़ार से अधिक लघु फ़िल्में इस समारोह में शामिल थीं जिनमें 63 भारतीय लघु फिल्में भी थीं।

भारतीय संस्कृति एवं परम्परा को प्रदर्शित करने वाली इस लघु फिल्म में मीरा नामक एक लड़की की कहानी है जो अपनी मां की मृत्यु के बाद उसकी अस्थियां प्रवाहित करने हरिद्वार आती है। पूरी फिल्म हरिद्वार में शूट की गयी है। फिल्म के निर्देशक दिनकर राव हैं जो उसके पिता हैं। फिल्म की कहानी उसकी बहन लावण्या राव ने लिखी है।

मशहूर फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के साथ एक धारावाहिक में काम कर चुकी अभिनेत्री लीना राव की पुत्री अंतरा का कहना है कि पुरस्कार प्राप्त लघु फिल्मों को सिनेमाघरों और कम से कम दूरदर्शन पर दिखाने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लघु फिल्मों के लिए ब्रिटेन का एक चैनल शोर्ट टीवी जल्द ही आ रहा है, देश के उद्योगपतियों और मीडिया कंपनियों को इस तरह का चैनल खोलना चाहिए ताकि लघु फिल्मों को बढ़ावा मिल सके।

अन्तरा की एक फीचर फिल्म ‘रेलवे राजू’ इन दिनों निर्माणाधीन है। इसके अलावा एक और फीचर फिल्मों पर उसका काम चल रहा है। वह आलिया भट्ट की प्रशंसक है। उसका कहना है कि आलिया बहुमुखी प्रतिभा की कलाकार है वह खुबसूरत और स्टाइलिश भी है। नयी लड़कियों को ‘इन्दुस्त्री’ में काम मिल रहा है। उसे ‘तनु वेड्स मनु’ की कंगना भी बेहद पसंद है। उसके पिता ने मुस्लिम विधवाओं की दुर्दशा पर ‘ब्लैक विडो’ नामक एक फिल्म बनायी थी जिसे सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। उसमें भी अंतरा ने काम किया था।
उसे फ़िल्में देखने के आलावा किताबें पढ़ने का भी काफी शौक है।

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