आंध्र मंत्रिमंडल ने राजधानी के लिए प्रस्तावित स्थानों पर अंतिम निर्णय टाला

राज्य के व्यापक विकास पर उच्च-शक्ति समिति जी.एन. राव समिति की रिपोर्ट और बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट का अध्ययन करेगी

Update: 2019-12-28 01:18 GMT

अमरावती। राज्य की राजधानी को लेकर अमरावती में चल रहे भारी प्रदर्शनों को देखते हुए आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को राजधानी को लेकर अपने अंतिम निर्णय को टालते हुए तीन राजधानियों के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक उच्च-शक्ति समिति का गठन करने का फैसला किया है।

राज्य के व्यापक विकास पर उच्च-शक्ति समिति जी.एन. राव समिति की रिपोर्ट और बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट का अध्ययन करेगी।

राव समिति पिछले हफ्ते ही तीन राजधानियों के विकास की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है, जबकि बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट जनवरी के पहले हफ्ते में आ सकती है।

एक अधिकारी ने कहा कि मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों वाली उच्च-शक्ति समिति दोनों रिपोर्टों का अध्ययन करेगी और अपनी सिफारिशें देगी, जिस पर बाद में निर्णय लिया जाएगा।

किसानों ने अमरावती के अलावा विशाखापत्तनम और कुरनूल को राजधानी शहरों के रूप में विकसित करने के सरकार के प्रस्ताव पर विरोध तेज कर दिया है, जिसके बाद अमरावती में 29 गांवों में तनाव के बीच मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।

प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थर फेंके जाने की इन छिटपुट घटनाओं में तीन पुलिसकर्मी सहित छह लोग घायल हो गए हैं। आंदोलनकारी किसानों से सरकार ने कहा है कि वह उनकी समस्याओ को सुनेगी।

सूचना और जनसंपर्क मंत्री पेरनी वेंकटरामैया ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी पैदा हुए विवाद का हल चाहते हैं और अमरावती में विधायी राजधानी के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पूंजी क्षेत्र में अनियमितताओं और अंदरूनी कारोबार की जांच करने वाली कैबिनेट सब-कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट मंत्रिमंडल को सौंप दी है।

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