अंबिकापुर मॉडल से स्मार्ट बनेगी एनडीएमसी
घर-घर से कूड़ा-कचरा उठाने और उसे पृथक करने की समस्या से जूझ रही नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एनडीएमसी ने समस्या का समाधान तलाशने और सेवन स्टार रेटिंग हासिल के लिए अंबिकापुर का रुख किया है
नई दिल्ली। घर-घर से कूड़ा-कचरा उठाने और उसे पृथक करने की समस्या से जूझ रही नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एनडीएमसी ने समस्या का समाधान तलाशने और सेवन स्टार रेटिंग हासिल के लिए अंबिकापुर का रुख किया है।
दरअसलए छत्तीसगढ़ के छोटे से जिले अंबिकापुर ने डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन और सेग्रीगेशन के कार्य में 90 फीसदी सफलता हासिल करके बड़े बड़े महानगरों के निकायों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। लिहाजा एनडीएमसी ने भी अपना एक प्रतिनिधिमंडल वहां भेजा है जो अंबिकापुर वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल का अध्ययन करेगा और स्मार्ट सिटी को कूड़ा मुक्त शहर बनाने की कवायद में तेजी लायेगा।
एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वच्छता को लेकर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्थानीय निकायों को 7 स्टार रैंकिंग देने की योजना बनाई है। जिसके मुताबिक स्वच्छता ए कचरा प्रबंधन ए शौचालय निर्माण ए खुले में शौच से मुक्त इलाका ए कचरे का पूरी तरह निपटान ए कचरे की रीसाइक्लिंग और कचरे से निर्मित वस्तुओं कंपोस्ट खाद आदि के विक्रय जैसे मानक पूरा करने वाले निकायों को रैंकिंग दी जाएगी।
स्वच्छता के क्षेत्र में उच्च रैंकिंग प्राप्त करने के लिए परिषद् ने अपने स्वच्छता कार्यक्रमों में सुधार लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए परिषद् के चार कनिष्ठ अभियंताओं, जे ई और चार अन्य अधिकारियों का दल अंबिकापुर गया है जो वहां की कार्यप्रणाली और योजनाओं का अध्ययन करेगा और रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके बाद भोपाल, इंदौर और तिरुचिरापल्ली में कचरा पृथक्करण कार्य के अध्ययन की भी योजना है।
उन्होंने बताया कि करीब एक लाख की आबादी वाले अंबिकापुर नगर निगम इलाके के 48 वार्ड कूड़ा मुक्त हो चुके हैं। साथ ही कूड़ा पृथक्करण के जरिये 13 लाख रुपए महीने की आमदनी भी हो रही है। यहां 300 परिवारों से कचरा संग्रह करने के लिए एक रिक्शा और चार महिलाएं तैनात हैं। कचरा उठाने के एवज में प्रत्येक घर से 50 रुपये ए दुकान से 100 रुपए ए होटल से 500 रुपये और हॉस्टल व आश्रम से एक हजार रुपये लिए जाते हैं।
तमाम कचरा सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर ; एसएलआरएल द्ध पर पहुंचाया जाता है। मौके पर सुपरवाइजर टैब के जरिये तरल और ठोस कचरे का हिसाब रोजाना वेबसाइट पर अपलोड करता है। ब्लूटूथ प्रिंटर को सर्वर से जोड़कर रसीद निकाली जाती है। वेबसाइट पर दैनिक कूड़ा संग्रह से लेकर स्टाफ और यूजर चार्ज की जानकारी हमेशा उपलब्ध रहती है। गौरतलब है कि एनडीएमसी इलाके की आबादी करीब ढाई लाख है।
रेस्टोरेंट, होटल के लाइसेंस ऑनलाइन बनाएगी एनडीएमसी
नई दिल्ली क्षेत्र में खाद्य पदार्थों सें संबंधित वाणिज्य-व्यापार करने वाले व्यापारी अब नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् एनडीएमसी से ऑनलाइन लाइसेंस बनवा सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रक्रिया, स्वास्थ्य लाइसेंसों को जारी करने में होने वाली देरी को कम करने और व्यापारिक गतिविधियों के लिए व्यापारियों को बिना किसी बाधा के सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके साथ ही सम्पत्ति के नामान्तरण की प्रक्रिया भी आसान बना दी गई है अब नामांतरण का कार्य 15 दिन के अंदर पूरा कर लिया जायेगा।
व्यापारीए स्वास्थ्य लाइसेंस के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् की वेबसाइट के लिंक पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय आवेदक को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, कर्मचारियों के मेडिकल जांच प्रमाण-पत्र, अवैध निर्माण की दशा में किसी उल्लंघन के लिए स्व.घोषणा पत्र, बिजली-पानी के अंतिम भुगतान बिलए अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण.पत्र और परिसर का भवन-नक्शा भी आवेदन के साथ ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा।
जिन आवेदनों को स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी उनकी सूची को आवेदकों की जानकारी के लिए पालिका परिषद् की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि एनडीएमसी के अधिनियम-1994 की धारा 331 और 333 के तहत बिना किसी स्वास्थ्य लाइसेंस के रेस्टोरेंट या खाद्य सामग्री की गतिविधि चलाने वाली किसी भी यूनिट को अवैध घोषित करने का प्रावधान है और बिना किसी पूर्व सूचना के इनको सील भी किया जा सकता है।
वहीं नामान्तरण की सुविधा केवल उन्हीं सम्पत्ति.धारकों को दी जायेगीए जिनकी सम्पत्ति पर कोई भी कानूनी विवाद नही हो और उनकी सम्पत्ति से संबंधित सभी प्रकार के बकाया भुगतान किये जा चुके हों जिनमें आवेदन की तिथि तक के सम्पत्ति कर के भुगतान भी शामिल है ।