असम में भाजपा का ‘बूथ विजय अभियान’ शुरू, सरमा ने दी चुनावी हुंकार
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी के ‘बूथ विजय अभियान’ के तहत आक्रामक जमीनी पहल की शुरुआत की
जलुकबाड़ी से सरमा का संदेश- घर-घर पहुंचेगा भाजपा का झंडा
- विपक्ष पर वार: सरमा बोले, भाजपा की ताकत अनुशासित कार्यकर्ता और सीधा संवाद
- 246 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ चलेगा बूथ विजय अभियान
- जमीनी स्तर पर फोकस, विकास योजनाओं से मतदाताओं तक पहुंचेगी भाजपा
गुवाहाटी। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को पार्टी के ‘बूथ विजय अभियान’ के तहत आक्रामक जमीनी पहल की शुरुआत की। उन्होंने जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 32 में सीधे तौर पर स्थानीय निवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान भाजपा की चुनावी रणनीति के एक निर्णायक चरण को दर्शाता है, जिसमें बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं से सीधे संपर्क पर विशेष जोर दिया गया है।
सरमा ने बूथ को चुनावी जीत की बुनियाद बताते हुए कहा कि भाजपा सबसे निचले स्तर पर अपनी संगठनात्मक मौजूदगी को सशक्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
उन्होंने कहा, “आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा ने आज ‘बूथ विजय अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत हमारे कार्यकर्ता हर बूथ पर घर-घर जाएंगे और हर परिवार के घर भाजपा का झंडा लगाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान लोगों की सहमति से चलाया जाएगा और पार्टी की नीति दबाव नहीं बल्कि संवाद पर आधारित है।
उन्होंने कहा, “यह सब संबंधित परिवार की अनुमति से ही किया जाएगा।”
विपक्ष पर परोक्ष हमला बोलते हुए सरमा ने कहा कि भाजपा की ताकत उसके अनुशासित कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के साथ निरंतर संपर्क में है, जबकि कुछ दल केवल चुनाव के समय ही सक्रिय नजर आते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘बूथ विजय अभियान’ के जरिए कार्यकर्ता राज्य सरकार की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी सीधे मतदाताओं तक पहुंचाएंगे।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य पार्टी कैडर को सक्रिय करना, विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देना और राज्य के शहरी, ग्रामीण और चाय बागान क्षेत्रों में समर्थन को मजबूत करना है। यह पहल सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ लागू की जाएगी, जिसकी निगरानी वरिष्ठ नेता स्वयं करेंगे।
असम में राजनीतिक गतिविधियों के तेज होने के बीच भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि वह चुनाव जमीनी स्तर से लड़ने के लिए तैयार है और संगठनात्मक मजबूती, कल्याणकारी योजनाओं और नेतृत्व के सीधे संपर्क के दम पर चुनावी मैदान में उतरेगी।
मुख्यमंत्री सरमा का अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र जलुकबाड़ी में इस अभियान में हिस्सा लेना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक रणनीतिक संदेश माना जा रहा है, ताकि बूथ स्तर पर फोकस तेज हो और राज्य में चुनावी बढ़त सुनिश्चित की जा सके।