गोवा में फंसे 90 प्रतिशत प्रवासी मजदूर घर लौटने के इच्छुक
राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की 24 मार्च को हुई घोषणा के बाद से गोवा में फंसे दूसरे राज्यों के लगभग 90 प्रतिशत प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटना चाहते हैं।
पणजी | राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की 24 मार्च को हुई घोषणा के बाद से गोवा में फंसे दूसरे राज्यों के लगभग 90 प्रतिशत प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटना चाहते हैं। यह बात राज्य सरकार की राज्य कार्यकारी समिति ने सोमवार को कही।
समिति की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, "पंचायत निदेशक ने सूचित किया है कि सभी पंचायतों में आंकड़े जुटाने का काम जारी है। ग्राम पंचायतों ने अबतक 30,000 से अधिक मजदूरों से संपर्क किया, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत ने अपने गृह राज्य लौटने की इच्छा जाहिर की है।"
इस समिति का नेतृत्व मुख्य सचिव परिमल राय कर रहे हैं और इसके ऊपर राज्य में कोविड-19 के प्रबंधन और राहत कार्य की निगरानी करने की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि लगभग 80,000 फंसे हुए प्रवासी मजदूरों ने अपने गृह राज्य लौटने के लिए पंजीकरण कराया है।
सावंत ने कहा, "लगभग 80,000 प्रवासी मजदूरों ने पंजीकरण कराया है। गोवा से प्रवासियों को लेकर पहली ट्रेन दो दिनों में रवाना होने वाली है।" उन्होंने कहा कि मजदूरों के अंतर्राज्यीय आवागमन के तौर-तरीके पर काम किया जा रहा है।
गोवा में फंसे प्रवासी मजदूरों की सूची में सबसे ऊपर कर्नाटक है, उसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार का स्थान है।