स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर ट्रेन में हमला, नाक काटने का प्रयास
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस कर चर्चा में आए आशुतोष महाराज पर बीती रात जानलेवा हमला हो गया। रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जाते वक्त उनपर जानलेवा हमला हुआ है।
प्रयागराज। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ कोर्ट में यौन उत्पीड़न का केस दाखिल करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला हुआ है। यह हमला उस वक्त हुआ जब वे रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। ट्रेन जब फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन पहुंची,तभी आशुतोष महाराज पर हमला हो गय। आशुतोष महाराज को कई जगह चोटें भी आई हैं।
ट्रेन के टॉयलट में छिपकर बचाई जान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस कर चर्चा में आए आशुतोष महाराज पर बीती रात जानलेवा हमला हो गया। रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जाते वक्त उनपर जानलेवा हमला हुआ है। आशुतोष महाराज ने अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत करते हुए कहा कि मेरे ऊपर जानलेवा हमला हुआ है। उन्होंने बचने के लिए ट्रेन के वॉशरूम में छिपकर जान बचाई। इस हमले में आशुतोष महाराज को काफी चोट आई हैं।
दो मामलों की होनी है पैरवी
हमले के बाद वह लहूलुहान हालत में प्रयागराज पहुंचे, जहां कॉल्विन अस्पताल में उनका इलाज हुआ। आशुतोष महाराज की नाक और कई जगह चोटें लगी हैं। आशुतोष महाराज ने प्रयागराज जंक्शन पर जीआरपी थाने में तहरीर दी है। बता दें कि मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े केस की 12 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई है। इसके अलावा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण आरोप के मामले में भी हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना है। दोनों मामलों की पैरवी में आ रहे थे तभी रीवा एक्सप्रेस के एच वन कोच में उनके ऊपर हमला हो गया।
हमले को बताया साजिश
आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले को साजिश बताते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके सहयोगियों पर संदेह जताया है। उन्होंने प्रयागराज जीआरपी में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जीआरपी के डीएसपी अरुण कुमार पाठक ने बताया कि घटना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की जा रही है और आशुतोष महाराज को इलाज के लिए अस्पताल ले लाया जा रहा है। अब उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।