आजादी के 70 साल बाद भी टीबी देश के लिए नासूर : सिद्धार्थनाथ

 केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा व उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शुक्रवार को क्षय रोगी खोज अभियान का शुभारंभ किया

Update: 2017-08-05 15:02 GMT

नोएडा।  केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा व उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शुक्रवार को क्षय रोगी खोज अभियान का शुभारंभ किया। अभियान सिर्फ नोएडा के लिए बल्कि पांच जिलों में एक साथ शुरू किया गया। इस असवर पर सेक्टर-44 स्थित महमाया बालिका इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

उद्घाटन करने वाले प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि प्रतिवर्ष देश में एक लाख 50 हजार करोड़ रुपए टीबी उन्मूलन के लिए खर्च किए जाते है। बावजूद मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। देश में टीबी के मरीजों का पांचवा भाग प्रदेश में है। लिहाजा प्रदेश में टीबी को जड़ से मिटाना है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश के छह जनपदों मे यह कार्यक्रम आरम्भ किया जा रहा है, जिसमें गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, उन्नाव व वाराणसी में आरंभ किया गया, जिसकी शुरुआत आज जनपद गौतमबुद्धनगर से हुई है।

उन्होने कहा कि यह एक बहुत ही महत्व का कार्यक्रम है, जिसमें अभियान चलाकर गठित की गई टीमों के द्वारा आगामी 14 अगस्त तक संभावित टीबी के रोगियों का चिन्हिकरण किया जाएगा। पहले चरण में 10 प्रतिशत आबादी में टीबी के मरीजों को खोजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी आंकड़े काफी नहीं है। ऐसे में निजी अस्पतालों को भी टीबी के कार्यक्रम व मरीजों के आंकड़ों के लिए पंजीकृत किया जाएगा। तंबाकू का सेवन खतरनाक है। लिहाजा तंबाकू उत्पादन करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को आजाद हुए 70 साल हो गए। लेकिन अब भी हब टीबी जैसी बीमारी का खात्मा नहीं कर सके। इसकी वजह जागरूकता में कमी है। उन्होंने बताया कि उज्जवला योजना के लोगों को सिलेंडर बांटे गए।

एक बार चूल्हें से निकलने वाला धूआं 400 सिगरेट के बराबर नुकसान पहुंचता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहर में जितने अस्पताल है उनको चलाने के लिए चिकित्सकों की जरूरत है। चिकित्सकों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ के निर्देशों पर प्रदेश के छह जिलों में क्षय रोगी खोज अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा ने कहा कि क्षय रोग (टीबी) को लेकर हमारे देश में जागरूकता की बेहद कमी है। टीबी पूरी तरह से ईलाज से समाप्त किया जा सकता है। लेकिन इससे पीड़ित लोग बीच में ही ईलाज छोड़ देते है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक बार उनके पास एक व्यक्ति उपचार के लिए आया। उन्होंने उसे बताया कि उसकी सब जांच सही है।

लेकिन सुरक्षा के लिहाज से एक बार टीबी की जांच करा ले। यह सुनने ही व्यक्ति ने टीबी की जांच के लिए मना कर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी देश से समाप्त करने के लिए हमे कड़ी मेहनत करनी होगी। इस अभियान के तहत घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की खोज की जाएगी साथ ही उसका उचित उपचार किया जाएगा। इस मौके पर लघु उद्योग मंत्री जयपाल सिंह, दादरी विधायक मास्टर तेजपाल सिंह, जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह, जिला अधिकारी बीएन सिंह आदि लोग मौजूद रहे। 

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