5 मार्च को होगा भारत बंद

दलित, आदिवासियों के इस बंद को मिला कई राजनैतिक पार्टियों का समर्थन

Update: 2019-03-04 15:04 GMT

नई दिल्ली। पिछले साल 2 अप्रैल को हुए भारत बंद के बाद एक बार फिर देश में भारत बंद की तैयारी हो रही है। 5 मार्च को होने वाले इस बंद में दलितों के अलावा आदिवासी संगठनों का भी इस बार समर्थन मिल रहा है, जिससे इसके और व्यापक होने की संभावना है।

इस बंद को राजग, झारखंड मुक्ति मोर्चा और वामपंथी दलों को समर्थन मिला है। कुछ अन्य राजनैतिक दलों के भी साथ आने की संभावना है।

पिछला बंद एससी एसटी एक्ट को लेकर हुआ था, तो इस बार बंद तीन मुद्दों पर बुलाया जा रहा है, पहला आदिवासियों को जंगल से बेदखल करने का जो हालिया आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है, उसकी जगह अध्यादेश लाए केन्द्र सरकार, दूसरा 13 पाइंट रोस्टर के कारण आरक्षण व्यवस्था लगभग खत्म हो चुकी है,

उसे ठीक किया जाए, तीसरा इंडियन ज्यूडिशियल कमीशन बनाया जाए, जिससे यहां न्याय पालिका में भाई भतीजाबाद रोका जा सके और समाज के अन्य वर्गों को भी प्रतिनिधित्व मिल सके।

यह पहली बार हुआ है, कि देश के तमाम आदिवासी संगठन बंद के साथ आए हैं। दलित नेता अशोक भारतीय का कहना है, कि इस बार पूरे देश का समर्थन मिल रहा है, इस बार का बंद पिछले बार से अधिक असरकारक होगा।

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